सीतापुर में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, डीएम ने टॉप-10 अपराधियों और लंबित मुकदमों पर मांगी सख्त कार्रवाई
सीतापुर में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने हाईलेवल समीक्षा बैठक की। टॉप-10 अपराधियों पर निगरानी, महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई और लंबित मुकदमों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए गए।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए सीतापुर प्रशासन ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। जिले में सक्रिय अपराधियों पर नकेल कसने, महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अपराध नियंत्रण, अभियोजन कार्यों और न्यायिक प्रक्रियाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
टॉप-10 अपराधियों पर रहेगी विशेष निगरानी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले के टॉप-10 चिन्हित अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और उनके विरुद्ध उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का मानना है कि जिले के प्रमुख अपराधियों पर सख्त कार्रवाई से अपराध नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
महिला अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा और अन्य महिला अपराधों से जुड़े मामलों की विशेष समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया।
लंबित मुकदमों के निस्तारण पर प्रशासन गंभीर
बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित मुकदमों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि लंबे समय तक मामलों के लंबित रहने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और आम लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों में आवश्यक दस्तावेज, साक्ष्य और रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मुकदमों का शीघ्र निस्तारण हो सके।
अपराधियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन विभाग को निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने अभियोजन विभाग के अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सके। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों से न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण मामलों की नियमित समीक्षा करने और समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।
कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस
समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और दोष सिद्धि की दर बढ़ाना भी है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन और अभियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर गंभीरता से अमल करें। सीतापुर प्रशासन की इस पहल को जिले में अपराध नियंत्रण और न्यायिक प्रक्रियाओं को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट – वली चौधरी
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