CBT या पारंपरिक परीक्षा? संसदीय समिति ने सुधारों पर किया विचार-विमर्श

संसदीय समिति ने परीक्षा सुधार पर अहम बैठक की. इसमें 'कागज-कलम' बनाम 'कंप्यूटर आधारित परीक्षा' पर चर्चा हुई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: संसदीय समिति ने परीक्षा सुधार पर अहम बैठक की. इसमें ‘कागज-कलम’ बनाम ‘कंप्यूटर आधारित परीक्षा’ पर चर्चा हुई. सदस्यों ने परीक्षा सुरक्षा, छात्रों का विश्वास बहाल करने और भविष्य की तैयारियों पर जोर दिया.

शिक्षा मंत्रालय से संबंधित संसदीय समिति की सोमवार को एक अहम बैठक हुई है. इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस नेता और समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने की. बैठक में स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, NTA के डायरेक्टर जनरल और यूनाइटेड डॉक्टर फ्रंट के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में मुख्य चर्चा का विषय ‘कागज-कलम आधारित परीक्षा’ बनाम ‘कंप्यूटर आधारित परीक्षा’ (CBT) रही. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बैठक के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की.

उन्होंने कहा, “हम अपने प्रधानमंत्री पर भरोसा और विश्वास करते हैं. हमें अपनी व्यवस्था पर भी पूरा भरोसा है कि छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा.” बैठक शुरू होने से पहले सभी सदस्यों के बीच एक अनौपचारिक चर्चा हुई. इस दौरान सत्तापक्ष के सदस्यों ने दिग्विजय सिंह से पूछा कि जांच के बीच ऐसी बैठकें क्यों करवाई जा रही हैं और पूरे मुद्दे का राजनीतिकरण क्यों किया जा रहा है.

इस पर दिग्विजय सिंह ने साफ किया, “इसमें राजनीति का कोई सवाल ही नहीं है. यह मामला सैकड़ों अभिभावकों की गहरी चिंता से जुड़ा है.” उन्होंने मंत्रालय और अधिकारियों को 21 जून को होने वाली NEET की पुनःपरीक्षा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी दीं.

सांसदों ने उठाए ये अहम मुद्दे
परीक्षा सुरक्षा: सदस्यों ने अधिकारियों से पूछा कि परीक्षा को पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाने के लिए क्या तैयारियां की जा रही हैं. अधिकारियों ने बताया कि इन-हाउस पेपर सेटर्स, शिक्षकों और प्रोफेसरों की मदद ली जा रही है ताकि कोई खामी न रहे.

विश्वास बहाली: सदस्यों ने कहा कि 21 जून से पहले छात्रों में विश्वास बहाल करने के लिए खास कदम उठाए जाने चाहिए. कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री या शिक्षा मंत्री छात्रों के नाम एक खुला पत्र जारी करें या कोई संदेश दें, ताकि छात्रों को लगे कि वे अकेले नहीं हैं.

भविष्य की तैयारी: सदस्यों ने यह भी कहा कि अगले साल के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएं. सीबीटी (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) हैकाथॉन को बढ़ावा दिया जाए और परीक्षा तैयारी से जुड़े स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहित किया जाए. मंत्रालयों के बीच तालमेल: समिति ने सुझाव दिया कि स्वास्थ्य मंत्रालय को परीक्षा के सफल संचालन के लिए शिक्षा मंत्रालय के साथ व्यापक स्तर पर सहयोग करना चाहिए.

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में सत्तापक्ष से रविशंकर प्रसाद, घनश्याम तिवाड़ी, बांसुरी स्वराज और संबित पात्रा शामिल हुए. वहीं विपक्ष की ओर से डीएमके की टी. सुमति, समाजवादी पार्टी के राजीव राय और कांग्रेस के डीन कुरियाकोस मौजूद रहे.

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