बंगाल में भाजपा के आते ही मचा बवाल, ममता ने उठाए सवाल, दे डाली चेतावनी

भाजपा राज में चल रही तानाशाही खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां-वहां न सिर्फ जनता परेशान है बल्कि विपक्ष को कमजोर करने और विपक्षियों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में चल रही तानाशाही खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां-वहां न सिर्फ जनता परेशान है बल्कि विपक्ष को कमजोर करने और विपक्षियों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

इसी कड़ी में अब बंगाल में बनी भाजपा की नई नवेली सरकार ममता और TMC नेताओं को परेशान करने में जुटी हुई है। पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद राजनीतिक तनाव बहुत बढ़ गया है।

टीएमसी के बड़े नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ। 30 मई को सोनारपुर में जब अभिषेक पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने गए तो भीड़ ने उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके। उन्हें हेलमेट पहनकर बचना पड़ा। इसके बाद कल्याण बनर्जी पर हमला हुआ। जिसके बाद हमले को टीएमसी ने भाजपा की साजिश बताया है। ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया और कहा कि भाजपा अब सत्ता में आकर बदला ले रही है।

ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में 2 जून को प्रस्तावित धरने के लिए पुलिस की अनुमति न मिलने पर भाजपा को चुनौती दी है। ममता बनर्जी ने आज कोलकाता के रानी राशमणि एवेन्यू पर बड़ा धरना रखने का ऐलान किया। लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी।

इस पर ममता ने सीधे भाजपा वाली सरकार को चुनौती देते हुए कहा, “गिरफ्तार करना है तो कर लो”। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति, बिना माइक और बिना स्टेज के भी धरना होगा। अगर कोलकाता में नहीं होने दिया तो दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। ममता ने कहा कि वे जहां रोके जाएंगे वहीं बैठ जाएंगी और गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं।

ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा टीएमसी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। कुछ नेताओं को पैसे देकर, कुछ को ईडी-सीबीआई के डर से और बच्चों को धमकाकर पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी पर हमले से पहले उनकी सुरक्षा हटा दी गई थी। उनकी अपनी सुरक्षा भी वापस ली गई।

ममता का कहना है कि भाजपा अब पुलिस का इस्तेमाल करके विपक्ष को कुचलना चाहती है। इस हमले के बाद टीएमसी ने पूरे बंगाल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। 1 जून को राज्य भर में रैलियां हुईं। इसी बीच ममता ने कहा कि पोस्ट-पोल हिंसा चल रही है। टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। कल्याण बनर्जी पर भी हमला हुआ। ममता ने भाजपा को “रूलर्स बिकम किलर्स” कहा, यानी सत्ता में आकर हत्यारे बन गए। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है।

भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक पर हमला लोकल लोगों का गुस्सा था क्योंकि टीएमसी के 15 साल के शासन में हिंसा, भ्रष्टाचार और तानाशाही चली। भाजपा का कहना है कि यह जनता का आक्रोश है। कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं, जिनमें कई टीएमसी से जुड़े लोग बताए गए। लेकिन टीएमसी इसे भाजपा की साजिश बता रही है।

ममता ने आगे कहा कि चुनाव में धांधली हुई। 177 सीटों पर वोटिंग मशीन हैक हुई। उन्हें खुद गिनती केंद्र से बाहर निकाल दिया गया जब वे 13 हजार वोट से आगे थीं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में चुनाव हुए लेकिन सिर्फ बंगाल को निशाना बनाया गया। अब सत्ता में आकर भाजपा विपक्ष को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि वे डरें नहीं। टीएमसी मजबूत है। उन्होंने कहा कि 10 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, फिर भी लड़ाई जारी रहेगी। अगर दिल्ली जाना पड़ा तो INDIA गठबंधन की बैठक के साथ प्रदर्शन करेंगे।

यह दिखाता है कि ममता हार मानने वाली नहीं हैं। वे लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर सड़क पर उतरने को तैयार हैं। गौरतलब है कि बंगाल में ममता की हार के चर्चे पूरे देश में हो रहे हैं। लेकिन जिस तरह से अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसे नेताओं पर हमले हुए हैं इसे लेकर यह साफ़ तौर पर दिखाई दे रहा है कि भाजपा सरकार फेल हो रही है। और ममता को प्रदर्शन की अनुमति न देना भाजपा की कमजोरी को दिखाता है।

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