अभिजीत दीपके के पिता की आय पर उठे सवाल, जांच की मांग से मचा सियासी बवाल
अमित तिवारी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है... अभिजीत दीपके के पिता की आय को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः हाल के दिनों में सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में एक नाम तेजी से चर्चा में आया है अमित तिवारी.. वजह है उनकी ओर से महाराष्ट्र सरकार और अन्य संबंधित अधिकारियों के पास दर्ज कराई गई शिकायतें.. इन शिकायतों में उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके.. और उनके पिता भगवानराव दीपके की आर्थिक स्थिति तथा सीजेपी की फंडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं.. वहीं सबसे पहले जानते हैं कि आखिर अमित तिवारी हैं कौन..
मिली जानकारी के अनुसार अमित तिवारी गुजरात के सूरत जिले के निवासी हैं.. और स्वयं को एक आरटीआई एक्टिविस्ट बताते हैं.. सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों में सक्रिय रहने वाले तिवारी.. इस शिकायत के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए हैं.. इससे पहले उनका नाम व्यापक रूप से सार्वजनिक बहस का हिस्सा नहीं रहा था.. वहीं अब बात करते हैं उस शिकायत की.. जिसने यह पूरा विवाद खड़ा किया.. अमित तिवारी का कहना है कि अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी एमआईडीसी में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे.. और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं..
तिवारी का दावा है कि यदि एक जूनियर इंजीनियर की मासिक आय लगभग 60 से 65 हजार रुपये थी.. तो यह जांच का विषय है कि उनके बेटे की अमेरिका में उच्च शिक्षा का खर्च किस प्रकार वहन किया गया.. उनका कहना है कि इस पहलू की वित्तीय जांच होनी चाहिए.. ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खर्च आय के ज्ञात स्रोतों से किया गया था या नहीं.. तिवारी का कहना है कि उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को लिखित शिकायत भेजी है.. और मांग की है कि भगवानराव दीपके की आय, संपत्ति.. और वित्तीय लेन-देन की जांच कराई जाए.. उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति या किसी अन्य प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है.. तो संबंधित कानूनों के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए..
वहीं यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल यह आरोप अमित तिवारी द्वारा लगाए गए हैं.. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.. और किसी सरकारी एजेंसी ने अभी तक इन पर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है.. अब इस पूरे मामले का दूसरा पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है.. अमित तिवारी ने केवल भगवानराव दीपके की आर्थिक स्थिति पर सवाल नहीं उठाए.. बल्कि कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है.. तिवारी का आरोप है कि यह संगठन राजनीतिक दल की तरह कार्य कर रहा है.. और जनता से आर्थिक सहयोग या चंदा भी प्राप्त कर रहा है.. उनका कहना है कि यदि कोई संगठन राजनीतिक गतिविधियां संचालित करता है.. और राजनीतिक दल की तरह काम करता है.. तो उसे कानून के तहत पंजीकृत होना चाहिए..
जानकारी के मुताबिक अपनी शिकायत में उन्होंने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट, 1951 की धारा 29ए का उल्लेख किया है.. तिवारी का कहना है कि इस प्रावधान के अनुसार यदि कोई संगठन राजनीतिक दल के रूप में कार्य करना चाहता है.. तो उसे चुनाव आयोग के समक्ष विधिवत पंजीकरण कराना चाहिए.. और उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी कथित रूप से पंजीकरण के बिना फंड जुटा रही है.. तिवारी का दावा है कि संगठन ने लगभग एक करोड़ रुपये का फंड एकत्र किया है.. और इसी आधार पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जांच.. और कार्रवाई की मांग की है..



