उमर सरकार की स्थिरता पर बीजेपी ने उठाए सवाल

- कल बुलाई गई आपातकालीन विधायक दल बैठक
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि भाजपा ने नेशनल कॉन्फे्रंस के नेतृत्व पर गंभीर संकट का दावा किया है। 3 जून को बुलाई गई आपातकालीन विधायक बैठक को विपक्ष मुख्यमंत्री की डूबती नाव बचाने की हताश कोशिश करार दे रहा है, जो जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़े बदलाव ला सकती है। जम्मू-कश्मीर में एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है, जिसमें अब्दुल्ला की सरकार की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं। क्या सरकार आंतरिक कलह का सामना कर रही है? क्या विधायक नेतृत्व से नाखुश हैं?
उमर अब्दुल्ला ने 3 जून को सभी विधायकों की बैठक क्यों बुलाई? ये सवाल भाजपा के इस दावे के बाद गहन राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गए हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार को निकट भविष्य में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए विपक्ष के नेता सुनील शर्मा और वरिष्ठ भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी डूबती नाव को बचाने के लिए हताशा में आखिरी कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और दावा किया कि मौजूदा सरकार का अस्तित्व खतरे में है। भाजपा के दावों का जवाब देते हुए, अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुंतजऱि मेहदी ने स्वीकार किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायकों में असंतोष मौजूद है। मेहदी ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के कई विधायक पार्टी से नाखुश हैं और पार्टी छोडऩा चाहते हैं।
कई विधायक उमर के नेतृत्व से नाखुश : अल्ताफ ठाकुर
भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के कई विधायक उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व से नाखुश हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मनाने के पिछले प्रयास विफल रहे थे और 3 जून की बैठक असंतुष्ट विधायकों को वापस लाने और सरकार को बचाने का अंतिम प्रयास था। ठाकुर ने आगे कहा कि यह असंतुष्ट विधायकों को समझाने और सरकार को बचाने का आखिरी प्रयास है। उमर के प्रयास विफल होने तय हैं। 3 जून तक इंतजार कीजिए और देखिए बैठक के बाद क्या होता है।



