4PM के लिए मिडिल ईस्ट बना मील का पत्थर
एक लाख फॉलोअर्स का आंकड़ा पार

- दुबई से उठी आवाज 4PM जिंदाबाद
- मिडिल ईस्ट में 4PM की धमाकेदार एंट्री
- महज कुछ दिनों में इस आसमान की ऊंचाई को पा लिया
- करोड़ों दिलों पर दस्तक
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कभी-कभी आंकड़े सिर्फ आंकड़े नहीं होते, वह भावनाओं की भाषा बोलते हैं। वह बताते हैं कि सफर में कितने लोग साथ चले कितनी उम्मीदें जुड़ीं और कितना भरोसा किसी नाम के साथ खड़ा हुआ। 4PM मिडिल ईस्ट के लिए एक लाख फॉलोअर्स का आंकड़ा ऐसा ही एक पड़ाव है एक ऐसा मुकाम जहां पहुंचकर जश्न के साथ उन तमाम लोगों को धन्यवाद भी दिया जाता है जिन्होंने इस सफर को संभव बनाया। 4PM मिडिल ईस्ट के अपने तमाम पाठकों का, सहयोगियों का तले दिल से शुक्रिया अदा करता है और वादा करता है कि वह मिडिल ईस्ट के लोगों की अपेक्षाओं पर हमेशा खरा उतरने की कोशिश करता रहेगा।
उपलब्धि अपने साथ नई जिम्मेदारियां लेकर आती है
4PM के संपादक संजय शर्मा ने चैनल की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि ऐसा अनेको बार हुआ कि वीडियो वायरल हुए कई बार रिपोर्ट पर लंबी बहस छिड़ी कई बार दर्शकों ने अपनी राय रखी असहमति जताई सुझाव दिए और समर्थन भी किया। यही संवाद इस मंच की सबसे बड़ी पूंजी बन गया। क्योंकि पत्रकारिता तब सबसे ज्यादा जीवंत होती है जब वह लोगों के साथ संवाद करती है न कि सिर्फ उनके सामने बोलती हो। हर महीने करोड़ों व्यूज का आंकड़ा यह बताता है कि लोग सिर्फ 4PM को देख नहीं रहे बल्कि जुड़ भी रहे हैं। वह इंतजार करते हैं प्रतिक्रिया देते हैं चर्चा करते हैं और खबरों को आगे बढ़ाते हैं। यह किसी भी मीडिया मंच के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। आखिरकार पत्रकारिता का उद्देश्य सिर्फ सूचना देना नहीं बल्कि समाज के साथ एक जीवंत रिश्ता बनाना भी होता है। एक लाख फॉलोअर्स का यह मुकाम इसलिए भी खास है क्योंकि यह अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। हर उपलब्धि अपने साथ नई जिम्मेदारियां लेकर आती है। जब भरोसा बढ़ता है तो जवाबदेही भी बढ़ती है। जब दर्शकों का परिवार बड़ा होता है तो उनकी अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं। यही वह चुनौती है जिसे 4PM मिडिल ईस्ट भी स्वीकार करना चाहता है।
विश्वास का जश्न है ये उपलब्धि
यह जश्न सिर्फ एक डिजिटल उपलब्धि का नहीं है। यह उस विश्वास का जश्न है जो मिडिल ईस्ट के दर्शकों ने दिया। यह उस रिश्ते का जश्न है जो स्क्रीन के दोनों ओर बैठे लोगों के बीच बना। यह उस यकीन का जश्न है कि सच बोलने की कोशिश अभी भी लोगों तक पहुंचती है उसे सुना जाता है और उसे सम्मान मिलता है। आज जब 4PM मिडिल ईस्ट एक लाख फॉलोअर्स के पड़ाव पर खड़ा है तो सबसे पहले सिर झुकता है उन दर्शकों के सामने जिन्होंने हर वीडियो को देखा हर सवाल को महत्व दिया और हर कोशिश को अपना समर्थन दिया। यही प्यार इस मंच की ताकत है। यही भरोसा इसकी पूंजी है। और यही विश्वास आने वाले समय की सबसे बड़ी प्रेरणा है। सफर जारी है। रास्ते अभी लंबे हैं। कहानियां अभी बाकी हैं। मुद्दे अभी और उठाने हैं। आवाज को अभी और बुलंद करना है। लेकिन आज इतना जरूर कहना चाहता हूं कि दुबई से उठी यह आवाज अब लाखों दिलों तक पहुंच चुकी है और यह कारवां आगे भी बढ़ता रहेगा क्योंकि आंकड़े इतिहास बनाते हैं लेकिन भरोसा भविष्य बनाता है।
ऊंची इमारतों के बीच… चमकता सितारा 4PM
दुबई की चमकती इमारतों खाड़ी देशों की व्यस्त जिंदगी और हजारों किलोमीटर दूर अपने वतन की खबरों से जुड़े रहने की चाह रखने वाले लाखों लोगों के बीच कुछ ही दिनों में 4PM मिडिल ईस्ट ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है। यह पहचान सिर्फ वीडियो की नहीं सिर्फ खबरों की नहीं बल्कि उस भरोसे की है जो दर्शकों ने अपने दिल से दिया है। एक लाख फॉलोअर्स। सुनने में यह एक संख्या लग सकती है लेकिन इसके पीछे एक लाख कहानियां हैं। एक लाख उम्मीदें हैं। एक लाख ऐसे लोग हैं जिन्होंने किसी न किसी दिन किसी न किसी खबर किसी न किसी रिपोर्ट या किसी न किसी सवाल में अपनी आवाज की झलक देखी होगी और और कहा होगा कि हां यह मंच हमारी बात करता है। आज जब हर दिन सूचना का सैलाब बह रहा है खबर और शोर के बीच की दूरी लगातार कम होती जा रही है ऐसे दौर में दर्शकों का विश्वास जीतना आसान नहीं होता। लोग सिर्फ खबर नहीं देखते वह नीयत भी देखते हैं। वह सिर्फ शब्द नहीं सुनते वह उसके पीछे की सच्चाई भी महसूस करते हैं। यही कारण है कि मिडिल ईस्ट के दर्शकों ने 4PM को सिर्फ एक चैनल की तरह नहीं बल्कि एक भरोसेमंद साथी की तरह अपनाया।
एक दिन में तय नहीं हुआ सफर
यह सफर किसी एक दिन में तय नहीं हुआ। इसके पीछे अनगिनत घंटे हैं मेहनत है रिसर्च है और कैमरे के सामने और कैमरे के पीछे काम करने वाली पूरी टीम का समर्पण है। हर वीडियो के पीछे एक कोशिश रही कि सवाल वही पूछे जाएं जिन्हें पूछने की जरूरत है मुद्दे वही उठाए जाएं जो लोगों की जिंदगी को प्रभावित करते हैं और खबर वही दिखाई जाए जो सच के सबसे करीब हो। दुबई से लेकर अबू धाबी, शारजाह से लेकर रियाद, दोहा से लेकर कुवैत और बहरीन तक लाखों भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके लिए अपने देश अपने समाज और अपने समय से जुड़े रहना हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में 4PM मिडिल ईस्ट ने सिर्फ खबरें नहीं पहुंचाईं बल्कि एक भावनात्मक पुल भी बनाया ऐसा पुल जो हजारों किलोमीटर की दूरी को कुछ मिनटों में ही मिटा देता है।




