कांग्रेस में लौटेंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह? सियासी गलियारों में मचा शोर
कैप्टन अमरिंदर सिंह का झुकाव फिर से कांग्रेस की ओर हो रहा है. उनके कजिन के मौज पर बीजेपी की चुप्पी से उन्हें निराशा हुई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कैप्टन अमरिंदर सिंह का झुकाव फिर से कांग्रेस की ओर हो रहा है. उनके कजिन के मौज पर बीजेपी की चुप्पी से उन्हें निराशा हुई. यह बीजेपी से उनकी बढ़ती दूरी और कांग्रेस में संभावित वापसी के कयासों को जन्म दे रहा है.
ये सवाल इसलिए उठ रहे है क्योंकि हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कुछ ऐसे बयान दिए हैं. जिससे उनका फिर से कांग्रेस की तरफ झुकाव दिखाई दे रहा है. पिछले कुछ दिनों में सामने आये कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों से लग रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की बीजेपी से दूरी बढ़ गई है. छह साल बाद उन्हें कांग्रेस फिर से अपनी लगने लगी है.
जन्मदिन के मौके पर और अपने कजन ब्रदर की मृत्यु पर राहुल गांधी के संदेश से कैप्टन का मन पिघल गया है. भाई के निधन पर बीजेपी की चुप्पी से वो आहत हैं भी है.
आइए पहले आपको बताते हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के किस बयान से ऐसे कयास लगने शुरू हुए हैं. एक पंजाबी यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान कैप्टन अमरिंदर गिल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ-साथ कांग्रेस से रहे उनके रिश्ते के बारे में कई अहम बातें बताई हैं.
इंटरव्यू के दौरान उनसे जब पूछा गया कि आपका जन्मदिन होता है तो क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आपको बर्थ-डे विश करते हैं. इस पर कैप्टन ने कहा, “राहुल गांधी करते हैं वो जब छोटे से थे, तब से मैं उन्हें जानता हूं. तो फीलिंग तो फिर वैसी फीलिंग ही रहती है. कल ही उसका कंडोलेंस मैसेज आया था, मेरे कजन ब्रदर की मृत्यु पर बीजेपी से किसी का मैसेज नहीं आया, लेकिन राहुल गांधी का आया.
इंटरव्यू के दौरान कैप्टन ने और क्या बताया?
सवाल – आपको कॉल भी करते हैं राहुल गांधी या सिर्फ मैसेज करते हैं।
जवाब – सिर्फ मैसेज ही किया था कंडोलेंस का वो रणधीर (कैप्टन के कजिन ब्रदर) को जानते थे. राहुल को रेंज पर ले जाकर शूटिंग रणधीर ने ही सिखाई थी वो इसमें काफी तेज था.
सवाल – आपको दुख है इस बात का कि बीजेपी से किसी का भी कंडोलेंस मैसेज नहीं आया लेकिन कांग्रेस से राहुल गांधी का आया.
जवाब – मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. ये उनकी अपनी बात है अगर वो करते हैं तो ठीक है नहीं करते हैं तो ठीक है. मुझे इससे कोई फीलिंग नहीं है. मैं तो आपको सिर्फ दोनों पार्टियों के कल्चर का फर्क बता रहा हूं.
कैप्टन अमरिंदर सिंह की पहले भी हुई है बीजेपी से अनबन
इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए थे और कहा था कि वो इतने काबिल नहीं है कि वो बीजेपी की उन उम्मीदों को पूरा कर सकें, जिसके लिए बीजेपी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद पर चुनावों से ठीक पहले बिठाया है.
अब उनके कजिन भाई की मौत के बाद बीजेपी की और से कोई मैसेज न आना इस बात का संकेत दे रहा है कि कैप्टन और बीजेपी के बीच सब ठीक नहीं है. वहीं उनके हालिया बयान से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वह कांग्रेस में फिर से वापसी कर सकते हैं.



