अखिलेश के आरोपों के बाद हरकत में राम मंदिर समिति, अयोध्या पहुंचे अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र

अखिलेश यादव के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि गायब होने के आरोप से सियासी बवाल जारी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अखिलेश यादव के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि गायब होने के आरोप से सियासी बवाल जारी है.

चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया, पर अखिलेश ने उनके बयान को अस्पष्ट बताया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचकर ट्रस्ट पदाधिकारियों संग बैठक की.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर में चढ़ावे की करोड़ों रुपये की राशि कथित तौर पर गायब होने के आरोप के बाद सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. आरोपों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा खारिज किए जाने के बावजूद सोशल मीडिया पर उनके बयान को अखिलेश यादव अस्पष्ट बताया है.

इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्र और प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. सूत्रों के अनुसार, मामले की सच्चाई जानने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है. इसी बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र सोमवार को अचानक अयोध्या पहुंच गए. उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में लंबी बैठक की.
नृपेंद्र मिश्र अचानक पहुंचे अयोध्या

सूत्र बताते हैं कि नृपेंद्र मिश्र मूल रूप से 13 जून को प्रस्तावित समीक्षा बैठक के लिए अयोध्या आने वाले थे, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम बदलकर तुरंत अयोध्या पहुंचने का फैसला किया. बैठक में चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और लेखा-जोखा संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. ट्रस्ट सूत्रों का कहना है कि बैठक में सभी पहलुओं की समीक्षा की गई और पारदर्शिता को लेकर कोई भी शंका नहीं रहने दी जाएगी.

अखिलेश यादव ने उठाया था सवाल

अखिलेश यादव ने हाल ही में दावा किया था कि राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के चढ़ावे का हिसाब-किताब साफ नहीं है और राशि गायब होने के आरोप लगाए थे. चंपत राय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि सभी लेन-देन पारदर्शी तरीके से हो रहे हैं और ऑडिट हो रहा है. हालांकि, उनके बयान से विपक्ष संतुष्ट नहीं दिखा और सोशल मीडिया पर सवालों सवाल उठाया.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार और योगी आदित्यनाथ सरकार दोनों स्तर पर नजर रखे हुए है. राम मंदिर देश के करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है. ऐसे में चढ़ावे की राशि को लेकर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लिया जा रहा है. सूत्रों का मानना है कि जल्द ही इस पूरे मामले पर पारदर्शी जानकारी दी जा सकती है.

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