सभी विपक्षी दल एक हो जाए तो भाजपा हार जाएगी: राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष ने इंडिया गठबंधन के एकजुटता पर दिया जोर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन की बैठक में बीजेपी को हराने के लिए एकजुटता पर ज़ोर दिया, यह दावा करते हुए कि अगर विपक्षी दल एक साथ मुकाबला करें तो यह आसान है। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थानों को कमज़ोर करने के लिए बीजेपी की आलोचना की और भरोसा जताया कि भारत की मूल सोच की रक्षा के लिए सभी सहयोगी एकजुट रहेंगे।
8 जून को नई दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में, राहुल गांधी ने गठबंधन के सहयोगियों के बीच एकता के महत्व पर ज़ोर दिया और उनसे कहा कि वे बीजेपी को हराने की अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। उन्होंने कहा कि चाहे चुनाव निष्पक्ष हों या उनमें गड़बडिय़ां हों, एक के बाद एक राज्य और चुनाव में बीजेपी की हार तय है। उन्होंने कहा था कि मैं आपको बताता हूँ, अगर हम एकजुट होकर उनका मुक़ाबला करें तो उन्हें हराना आसान है।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने बैठक का बहिष्कार किया। पार्टी ने पहले ही संकेत दिया था कि तमिलनाडु में कांग्रेस के गठबंधन से बाहर निकलने के फैसले के बाद वह अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं बनी रह सकती। उन्होंने विपक्षी दलों से आपसी झगड़ों से बचने और एकजुट होकर लडऩे का आग्रह करते हुए कहा कि चुनौती सिर्फ़ चुनाव जीतने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अखंडता की रक्षा करना भी ज़रूरी है। उनके अनुसार, सरकार के प्रति जनता में पहले से ही काफ़ी नाराजग़ी है, लेकिन भविष्य के चुनावों की निष्पक्षता को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं।
विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक मतभेदों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे मतभेदों को व्यापक साझा लक्ष्यों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। गांधी ने विपक्षी नेताओं से लचीला और एकजुट रहने का आग्रह किया और कहा कि विपक्ष को कमज़ोर और बंटा हुआ दिखाने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।

बीजेपी झूठ फैलाती है
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी ज़्यादा समय तक नहीं टिकेगी, क्योंकि उनकी नजऱ में इसने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया है और भारत के लोगों के भविष्य से समझौता किया है। उन्होंने विपक्ष की पार्टियों के बीच तालमेल की कमी वाली बातों को खारिज करते हुए कहा कि यह बीजेपी द्वारा फैलाया गया एक नैरेटिव है। उन्होंने भरोसा जताया कि आइडिया ऑफ़ इंडिया (भारत की मूल सोच) की रक्षा करने के मामले में कांग्रेस समेत गठबंधन के सभी सहयोगी एकजुट रहेंगे।
कमजोर पीएम अपने नागरिकों को नहीं बचा सकता : राहुल
राहुल गांधी ने अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने पीएम मोदी को कमजोर प्रधानमंत्री बताते हुए आरोप लगाया कि उनमें भारतीय नागरिकों की जान लेने वालों का सामना करने की हिम्मत नहीं है, खासकर जी 7 में समझौतों पर ध्यान देने के बावजूद। यह घटना ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले के बाद सामने आई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। उन्होंने ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज़ पर तीन भारतीय नाविकों की मौत पर मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। गांधी ने कहा कि कमज़ोर प्रधानमंत्री भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते। उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि उनमें भारतीय नागरिकों की जान जाने के लिए जिम्मेदार लोगों का सामना करने की हिम्मत और ताकत नहीं है। एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि तीन दिनों के अंदर इंटरनेशनल पानी में तीन जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय मारे गए हैं। और हमारे मजबूर प्रधानमंत्री? एक शब्द भी नहीं। जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करती है, तो प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए। लेकिन भगवान न करे कि वह एक शब्द भी बोलें। अगले हफ्ते त्र7 में, हमारे नाविकों की हत्या के कुछ ही दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौतों पर साइन करेंगे – लेकिन उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास कहने को एक शब्द भी नहीं होगा। एक मजबूर प्रधानमंत्री भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकता, क्योंकि उनमें उन लोगों का सामना करने की हिम्मत या ताकत नहीं है जिन्होंने उन बेटों की जान ली।
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के दावे की हवा निकाली
भारतीय नाविकों की मौत को लेकर अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जांच और जवाबदेही की मांग की
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच नये-नये घटनाक्रम घटते जा रहे हैं। होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाए गए आरोपों को तेहरान ने खारिज करते हुए अमेरिका पर ही भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। तीन भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जांच और जवाबदेही की मांग की है।
ईरान ने इसे बेबुनियाद आरोप बताते हुए उल्टा अमेरिका पर ही भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव के साथ-साथ भारत से जुड़े मानवीय पहलू को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ईरान के भारत स्थित दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है। दूतावास ने दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय में अमेरिका ने तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। ईरान ने कहा कि ट्रंप का बयान असली मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश है। ईरानी पक्ष ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अमेरिका पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भारतीय नाविकों की मौत पर शोक व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बघाई ने अमेरिका की कार्रवाई को सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती करार दिया। उन्होंने भारतीय जनता और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। ईरान का कहना है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान सभी देशों की जिम्मेदारी है।
राजधानी में सुबह हुई आंधी-बारिश तापमान गिरा, मानसून की आहट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शनिवार की सुबह मौसम ने करवट ली। कानपुर- लखनऊ सहित कई जिलों में आंधी के साथ हल्की बरसात हुई। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश को छोडक़र बाकी प्रदेश में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। शनिवार से धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी और एक हफ्ते में चार से छह डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अभी तक पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल रहा था। इससे तापमान में भी कमी दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन शनिवार से फिर गर्मी बढ़ेगी। पिछले दो दिन के भीतर तापमान में गिरावट के साथ मौसम खुशगवार हो गया था। अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को दक्षिणी यूपी में बूंदाबांदी हो सकती है लेकिन बाकी जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा। तापमान में थोड़ी वृद्धि भी होगी जिससे गर्मी का अहसास होगा। इसके बाद के दह दिनों में तापमान 4-6 डिग्री तक बढऩे के आसार हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुक्रवार को अपनी प्रगति जारी रखते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, पश्चिम बंगाल, बिहार व ओडिशा और झारखंड के कुछ क्षेत्रों में दस्तक दे दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा 12 जून को हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, कलिंगपट्टनम, पारादीप, बारीपदा, पुरुलिया, धनबाद और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान परिस्थितियां मानसून के और आगे बढऩे के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में मानसून के आगे बढऩे की संभावना है। मानसून की सक्रियता बढऩे के साथ इन क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियों में भी तेजी आने के आसार हैं।
पांच साल बाद भी गिरफ्त से दूर खाद्यान्न घोटाले का मास्टरमाइंड
सीआईडी ने फरार आरोपी के घर चस्पा किया कुर्की नोटिस कराई मुनादी
करोड़ों के सरकारी अनाज घोटाले में कई रसूखदारों की भूमिका पर फिर उठे सवाल
सियासी वरदहस्त के इलजामों से एक बार फिर गर्माया मामला
चर्चा में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर खाद्यान्न घोटाले की सीबीआई जाँच भी हाशिये पर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क/ वली चौधरी
सीतापुर। जिले के बहुचर्चित खाद्यान्न घोटाले में पांच साल बाद सीआईडी की कार्रवाई ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। करोड़ों रुपये मूल्य के सरकारी गेहूं और चावल के गबन के आरोपी अशोक कुमार शुक्ल की गिरफ्तारी अब तक न होने पर सवाल उठ रहे हैं।
खाद्यान्न घोटाले की जांच कर रही सीबीसीआईडी की टीम बीते गुरुवार को रामकोट पहुंची थी। टीम ने विभागीय कार्यालय में मौजूद अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों का अवलोकन कर जरूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम लखीमपुर खीरी पहुंची, जहां घोटाले के कथित मास्टरमाइंड एवं तत्कालीन खाद्यान्न गोदाम प्रभारी अशोक कुमार शुक्ल के आवास पर न्यायालय के आदेशानुसार कुर्की नोटिस चस्पा कराया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर मुनादी कराकर आरोपी को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने की चेतावनी दी गई। कसते शिकंजे के बीच प्रशासनिक और सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में रामकोट थाना क्षेत्र स्थित एफसीआई गोदाम से बड़ी मात्रा में सरकारी खाद्यान्न गायब होने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया कि गरीबों और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने वाला अनाज बीच रास्ते में ही कागजों पर खपाकर बाजारों में बेच दिया गया। मामले में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक कानून की पकड़ से दूर है। सूत्र बताते हैं कि बढ़ती सकती के बीच सीआईडी अब मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और परिवहन नेटवर्क की जाँच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि आखिर इतने बड़े घोटाले को अंजाम देने में किन सफेदपोश रसूखदारों की भूमिका रही और किसके संरक्षण में यह खेल चलता रहा। उधर, बढ़ती सख्ती के बीच जिले में चर्चा है कि खाद्यान्न घोटाले की जड़ें सिर्फ गोदाम तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसका नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था। राजनीतिक संरक्षण और प्रभावशाली लोगों की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि जांच एजेंसी अभी इस संबंध में खुलकर कुछ कहने से बच रही है। हाल फिलहाल कुर्की की कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो चली है। ऐसे में जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित इस मामले में आखिर कब तक बड़े चेहरों से पर्दा उठता है और करोड़ों के सरकारी अनाज की लूट का पूरा सच सामने आता है।
मामला जांचाधीन है और इसकी विवेचना सीआईडी द्वारा की जा रही है। विभाग स्तर पर जांच एजेंसी को आवश्यक अभिलेख एवं सूचनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे और जांच एजेंसी द्वारा जो भी कार्रवाई की जाएगी, उसके अनुरूप विभाग आवश्यक कदम उठाएगा। – अखिलेश श्रीवास्तव, जिला पूर्ति अधिकारी सीतापुर


