पिंजरों में कैद थे दर्जनों पक्षी, विधायक ने किया कुछ ऐसा कि गूंज उठीं तालियां
सीतापुर के सिधौली विधायक मनीष रावत ने पिंजरों में कैद तोतों और चिड़ियों को खरीदकर खुले आसमान में आजाद किया। उनकी इस पहल ने लोगों का दिल जीत लिया। पक्षियों के संरक्षण, दया भाव और पर्यावरण जागरूकता का संदेश देने वाला यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राजनीति अक्सर विकास कार्यों और जनसभाओं के लिए चर्चा में रहती है, लेकिन कभी-कभी ऐसे दृश्य भी सामने आते हैं जो लोगों के दिलों को छू जाते हैं। सीतापुर के सिधौली क्षेत्र में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब विधायक मनीष रावत ने पिंजरों में कैद तोतों और चिड़ियों को खरीदकर उन्हें खुले आसमान में आजाद कर दिया।
विधायक की इस पहल ने न केवल मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता और दया भाव का संदेश भी दिया। पक्षियों को स्वतंत्र होकर उड़ते देख लोगों ने तालियां बजाकर इस कदम का स्वागत किया।
पिंजरों से निकलकर खुले आसमान में पहुंचे पक्षी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिधौली क्षेत्र में विधायक मनीष रावत की नजर पिंजरों में कैद कई तोतों और अन्य पक्षियों पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने उन्हें खरीदकर मुक्त करने का निर्णय लिया। विधायक ने स्वयं पक्षियों को पिंजरों से बाहर निकाला और खुले आसमान में उड़ाकर उन्हें आजादी दी। जैसे ही पक्षी उड़ान भरते हुए आसमान की ओर बढ़े, वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे।
संवेदनशीलता और संरक्षण का दिया संदेश
इस अवसर पर विधायक ने जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति और वन्यजीव मानव जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके संरक्षण के लिए समाज को आगे आना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि पक्षियों और वन्यजीवों के साथ मानवीय व्यवहार करें तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो
घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही हैं। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह के संदेश समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी पहल
सिधौली क्षेत्र में विधायक की इस पहल की व्यापक चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि यह केवल पक्षियों को आजाद कराने का मामला नहीं है, बल्कि समाज को जीवों के प्रति दया और संवेदनशीलता का संदेश देने वाला कदम भी है।
प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
पक्षियों को स्वतंत्र उड़ान देते हुए विधायक की यह पहल लोगों को यह सोचने पर मजबूर करती है कि इंसान और प्रकृति का रिश्ता केवल उपयोग का नहीं, बल्कि संरक्षण और सह-अस्तित्व का भी है। सिधौली में हुई यह घटना अब सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण के एक सकारात्मक संदेश के रूप में चर्चा का विषय बनी हुई है।
रिपोर्ट: वली चौधरी
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