बदायूं: पूड़ी-कचौड़ी खाते ही बिगड़ी 12 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मचा हड़कंप
बदायूं के बिसौली क्षेत्र के सर्वा गांव में सरसों के तेल से बनी पूड़ी-कचौड़ी खाने के बाद एक दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों और महिलाओं समेत कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग जांच में जुटा है, जबकि ग्रामीणों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बदायूं जिले के बिसौली कोतवाली क्षेत्र के सर्वा गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सरसों के तेल से बनी पूड़ी-कचौड़ी और सब्जी खाने के बाद एक दर्जन से अधिक लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रभावित लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता और दहशत का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, भोजन करने के कुछ ही समय बाद लोगों को उल्टी, पेट दर्द, घबराहट और चक्कर आने जैसी शिकायतें होने लगीं। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ मरीजों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
खुले सरसों के तेल पर जताया जा रहा संदेह
ग्रामीणों का आरोप है कि भोजन बनाने में गांव के एक दुकानदार से खरीदा गया खुला सरसों का तेल इस्तेमाल किया गया था। उनका कहना है कि तेल की गुणवत्ता संदिग्ध थी और उसी के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लोगों के बीमार होने की वास्तविक वजह क्या थी।
अस्पतालों में मची रही भागदौड़
एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से परिजनों में हड़कंप मच गया। गांव से लगातार मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्रभावित लोगों का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए मरीजों की स्थिति की जानकारी जुटाई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची गांव
घटना की सूचना मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सर्वा गांव पहुंची और खाद्य सामग्री की जांच शुरू की। टीम ने संबंधित खाद्य पदार्थों और तेल के नमूने लेने की प्रक्रिया भी शुरू की। हालांकि पीड़ित पक्ष ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर खराब तेल के बजाय दूसरे तेल का नमूना लिया। पीड़ितों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो जांच प्रभावित हो सकती है।
कोतवाली में दी गई तहरीर
ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने मामले को लेकर बिसौली कोतवाली में तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट या लापरवाही साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट का इंतजार, प्रशासन सतर्क
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि तेल और खाद्य सामग्री के नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल गांव में लोगों के बीच भय और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।
रिपोर्ट : संतुलित पाठक (बदायूं)
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