ओम बिरला के सामने नई चुनौती, TMC बागी सांसदों की अपील पर क्या होगा फैसला?

टीएमसी से बगावत के बीच NCPI को नया अध्यक्ष मिल गया है. मगर सवाल ये है कि क्या लोकसभा स्पीकर ओम बिरला TMC के बागी सांसदों की अपील मानेंगे?

4पीएम न्यूज नेटवर्क: टीएमसी से बगावत के बीच NCPI को नया अध्यक्ष मिल गया है. मगर सवाल ये है कि क्या लोकसभा स्पीकर ओम बिरला TMC के बागी सांसदों की अपील मानेंगे? सूत्रों का कहना है कि बिरला टीएमसी के मामले में कोई भी फैसला करने से पहले दोनों पक्षों को सुनेंगे.

टीएमसी से बगावत के बीच नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) को नया अध्यक्ष मिल गया है. ज्योतिप्रकाश चटर्जी को एनसीपीआई का नया चीफ बनाया गया है. हालांकि, इससे पहले तक ये कहा जा रहा था कि काकोली घोष दस्तीदार खुद इस की पार्टी की अध्यक्ष हैं, मगर उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया. ज्योतिप्रकाश को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया.

टीएमसी के बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर टीएमसी के दो-तिहाई सांसदों के एनसीपीआई में विलय की जानकारी दी थी. सूत्रों के मुताबिक, दलबदल करने वाले टीएमसी सांसदों के साथ-साथ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले सांसदों की भी बात सुनेंगे. इसके बाद ही वे अलग हुए गुट को मान्यता देने का फैसला करेंगे.

कोई भी फैसला करने से पहले बिरला दोनों पक्षों को सुनेंगे
टीएमसी के बागी गुट को अलग मान्यता देने के मामले में लोकसभा स्पीकर का फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले लिया जाएगा. जुलाई के तीसरे हफ्ते में इसकी शुरुआत होगी. बागी गुट को मान्यता दी जाए या नहीं, इस पर स्पीकर केंद्रीय विधि मंत्रालय की लिखित राय लेंगे. यह इसलिए क्योंकि अगर कोई इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दे, तो लोकसभा अध्यक्ष का फैसला कानूनी रूप से सही साबित हो.

विधानसभा के बागी विधायकों से कोई लेना-देना नहीं’
मंगलवार को काकोली ने कहा कि फिलहाल इस बागी गुट में 20 सांसद हैं, लेकिन आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़कर 22 हो सकती है. एनसीपीआई ने टीएमसी के सभी बागी सांसदों को अपने साथ शामिल करने पर सहमत हो गई है. काकोली ने ये भी कहा कि उनके इस बागी सांसद गुट का पश्चिम बंगाल विधानसभा के बागी विधायकों से कोई लेना-देना नहीं है.

उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने उस गुट को मान्यता दे दी है. अगर लोकसभा स्पीकर इन बागी सांसदों के गुट को एनसीपीआई पार्टी के रूप में मान्यता दे देते हैं, तो एनडीए का समीकरण बदल जाएगा. NDA गठबंधन में एनसीपीआई दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी. NCPI 16 सांसदों वाली टीडीपी और 12 सांसदों वाली JDU से आगे निकल जाएगी.

ज्योतिप्रकाश कौन, मुझे नहीं पता- NCPI के संगठन महासचिव
ज्योतिप्रकाश चटर्जी को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद खुद को एनसीपीआई का राष्ट्रीय संगठन महासचिव बताने वाले शांतनु डे ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. डे ने कहा कि मुझे नहीं पता कि ज्योतिप्रकाश चटर्जी कौन हैं. मुझे कोई अंदाजा नहीं है कि एनसीपीआई के साथ क्या हो रहा है.

डेन ने आगे कहा कि यह वह पार्टी है जिसके लिए मैंने इतनी मेहनत की. मुझे खुशी है कि बड़े नेता हमारे साथ जुड़ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने हमसे संपर्क नहीं किया है. मुझे इस बात से निराशा है कि हमें अंधेरे में रखा जा रहा है. एनसीपीआई 2023 में बनी थी. इसका हेड ऑफिस बंगाल के हावड़ा में है. यह पार्टी त्रिपुरा में कुछ सीटों पर विधानसभा चुनाव भी लड़ी थी.

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