भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बाबू की करोड़ों की संपत्ति पर ED का कब्जा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भोपाल के मेडिकल एजुकेशन विभाग के UDC हीरो केसवानी की रू1.47 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भोपाल के मेडिकल एजुकेशन विभाग के UDC हीरो केसवानी की रू1.47 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई. ED जांच में केसवानी की आय से 286% अधिक संपत्ति मिली.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मेडिकल एजुकेशन विभाग में पदस्थ अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) हीरो केसवानी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ED उनकी 1.47 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं. बताया जा रहा है कि ED ने यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है.

ED के अनुसार, हीरो केसवानी के खिलाफ जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. ED की जांच में सामने आया कि 1 जनवरी 2005 से 3 अगस्त 2022 के बीच केसवानी ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की. जांच एजेंसी के मुताबिक, उनकी संपत्ति ज्ञात आय स्रोतों की तुलना में करीब 286 प्रतिशत ज्यादा पाई गई, जिसकी कीमत लगभग 1.47 करोड़ रुपये है.

घर से 86.73 लाख कैैश बरामद
जांच के दौरान EOW ने केसवानी के घर पर छापा मारा था, जहां से 86.73 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे. जब उनसे पूछताछ की गई तो इतनी बड़ी रकम के बारे में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. आगे की जांच में पता चला कि कथित अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा उनकी पत्नी के नाम पर निवेश किया गया था. हालांकि पत्नी के पास कोई ऐसा स्वतंत्र आय स्रोत नहीं मिला, जिससे इतनी संपत्ति बनाई जा सके.

कई संदिग्ध लेनदेन का खुलासा
ED की जांच में बैंक खातों के विश्लेषण से भी कई संदिग्ध लेनदेन और भारी नकद जमा होने के प्रमाण मिले है. एजेंसी का कहना है कि अवैध धन को वैध दिखाने के लिए विभिन्न तरीकों से लेयरिंग की गई. इसके अलावा हीरो केसवानी ने अपने विभाग को संपत्ति और आय का पूरा ब्यौरा भी नहीं दिया. इसके साथ ही कुछ संपत्तियां परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदकर वास्तविक स्वामित्व छिपाने की कोशिश की.

अटैच की गई संपत्तियों में अचल संपत्तियां, बैंक खातों में जमा राशि और नकदी शामिल है. ED का कहना है कि ये सभी संपत्तियां अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) हैं. संपत्तियों को बेचने या छिपाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है.

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