यूसुफ पठान के प्लॉट पर बड़ा एक्शन, VMC करेगी नीलामी, बढ़ी सियासी हलचल
ममता बनर्जी से बगावत के बाद TMC सांसद यूसुफ पठान से जुड़ी जमीन को लेकर गुजरात में बड़ा कदम उठाया जा रहा है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः भारतीय क्रिकेट की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम है यूसुफ पठान.. गुजरात के वडोदरा शहर में जन्मे यूसुफ ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी.. और ऑफ स्पिन गेंदबाजी से देश-विदेश में ख्याति कमाई.. लेकिन अब वे राजनीति की दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं.. पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के सांसद के रूप में चुने गए यूसुफ पठान.. हाल ही में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से बगावत करके सुर्खियों में आए हैं.. इसी बीच उनके वडोदरा स्थित एक प्लॉट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.. वडोदरा नगर निगम ने इस प्लॉट को अवैध कब्जे का मानते हुए नीलामी के लिए तैयार कर लिया है.. यह मामला सिर्फ एक जमीन के विवाद तक सीमित नहीं है.. बल्कि कानून, राजनीति और सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण से जुड़ा हुआ है..
यूसुफ पठान क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वे राजनीति में आए.. 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के बहारामपुर सीट से टिकट दिया.. जहां उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर सांसद बने.. लेकिन राजनीति में उनका सफर आसान नहीं रहा.. हाल ही में टीएमसी में बड़े विद्रोह की खबरें आई हैं.. ममता बनर्जी के नेतृत्व से नाराज होकर लगभग 19 सांसदों ने बगावत कर दी.. इनमें यूसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा, सायोनी घोष और अन्य नेता शामिल हैं.. काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में यह विद्रोही गुट ममता बनर्जी के खिलाफ खड़ा हुआ है.. यूसुफ पठान इस विद्रोह में शामिल होने के कारण चर्चा में रहे.. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वे टीएमसी छोड़कर अन्य दलों की तरफ रुख कर सकते हैं.. इसी समय उनके पुराने प्लॉट विवाद ने नया रूप ले लिया..
आपको बता दें कि कहानी 2012 की है.. जब यूसुफ पठान ने वडोदरा नगर निगम में एक प्लॉट का आवेदन किया.. यह प्लॉट उनके घर के बगल में तांडलजा इलाके में स्थित था.. उन्होंने इस प्लॉट पर अस्तबल (तबेला) बनाने के लिए आवेदन किया था.. वीएमसी ने शुरुआत में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी.. और प्लॉट की कीमत 57,270 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की.. लेकिन राज्य सरकार ने 2014 में इस आवंटन को खारिज कर दिया.. इसके बावजूद यूसुफ पठान ने प्लॉट पर कब्जा बनाए रखा.. उन्होंने कंपाउंड वॉल बनाई और इसे अपने उपयोग में ले लिया.. प्लॉट का क्षेत्रफल 978 वर्ग मीटर है..
2012 से 2024 तक कई साल बीत गए.. इस दौरान वीएमसी ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की.. लेकिन 2024 में जब यूसुफ लोकसभा सांसद चुने गए.. तो बीजेपी के पार्षद नितिन डोंगा या विजय पवार ने इस मुद्दे को उठाया.. उन्होंने लिखित शिकायत की कि यूसुफ पठान ने सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा किया है.. इसके बाद वीएमसी ने यूसुफ को नोटिस जारी किया.. नोटिस में कहा गया कि प्लॉट खाली कर दें, वरना कार्रवाई होगी..
यूसुफ पठान ने इस नोटिस के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया.. और उन्होंने दावा किया कि यह उत्पीड़न है.. और प्लॉट उनके कब्जे में कानूनी रूप से है.. लेकिन कोर्ट ने उनके पक्ष में राहत नहीं दी.. सिंगल जज बेंच ने उन्हें अवैध कब्जेदार माना.. कोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा क्रिकेटर या सांसद क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है.. सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा बनाए रखना गलत है..
गुजरात हाईकोर्ट ने यूसुफ पठान को कड़ी फटकार लगाई.. जज ने पूछा कि बिना पूर्ण आवंटन प्रक्रिया पूरी किए और पैसे दिए बिना आपने प्लॉट पर कब्जा कैसे कर लिया.. कोर्ट ने वीएमसी को कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अनुमति दी.. बाद में डिवीजन बेंच ने भी इसी फैसले को बरकरार रखा.. हाल ही में कोर्ट ने यूसुफ को चार हफ्ते का समय दिया कि वे राज्य की क्रिकेटरों के लिए जमीन आवंटन नीति के तहत दावा करें.. लेकिन चेतावनी दी कि देरी करने पर डैमेज की राशि बढ़ेगी..
वहीं अब वीएमसी ने बड़ा कदम उठाया है.. नगर निगम ने सात प्लॉटों को नीलामी के लिए तैयार किया है.. जिसमें यूसुफ पठान वाला प्लॉट भी शामिल है.. स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन वर्षाबेन व्यास ने कहा कि.. सब कुछ नियमों के अनुसार होगा.. प्लॉट की अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है.. वीएमसी का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता लाने और नगर निगम के राजस्व को बढ़ाने के लिए उठाया गया है.. जनरल बोर्ड की मंजूरी के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी..



