सरकार की परीक्षा छात्रों का एग्जाम

  • परीक्षा से पहले गड़बड़ी छात्र को अबूधाबी एग्जाम सेंटर आवंटित कर दिया गया
  • नीट यूजी-26 परीक्षा को सकुशल समपन्न कराने का सरकार पर दबाव
  • चप्पे-चप्पे पर पहरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नीट यूजी -26 परीक्षा को सकुशल समपन्न कराने के लिए सरकार की तरफ से अभूतपूर्व व्यवस्था किये जाने के दावे किये जा रहे हैं। एग्जाम को कंडक्ट कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए ने देशभर में बनाये गये पांच हजार परीक्षा केन्द्रों को हैंडओवर कर लिया है और आज सभी सेंटर्स पर माकड्रिल का आयोजन किया गया। परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली या गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए। टेलीग्राम बंद कर दिया गया है। गाडिय़ों में जीपीएस के साथ ही पैरामिलिट्री का पहरा भी है।

थ्री लेयर सिक्योरिटी

एग्जाम सेंटर्स पर सीसीटीवी कैमरों का सीधा एक्सेस एनटीए के पास रहेगा। इस बार नीट परीक्षा को लेकर तीन लेयर सिक्योरिटी इंतजाम किए गए हैं। प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं को लाने ले जाने और सुरक्षित रखने की पूरी जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स को सौंपी गई है। पेपर ले जाने वाली गाडिय़ों को जीपीएस ट्रेकिंग होगी। अफवाहों और पेपर लीक के दावों को रोकने के लिए एक हाईलेवल मॉनिटरिंग सेंटर बनाया गया है। सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। टेलीग्राम को 22 जून तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही देश की तमाम जांच एजेंसियां जिला प्रशासन और केंद्र व राज्य सरकारों के बड़े अधिकारी भी इस पूरी परीक्षा पर सीधा कंट्रोल रखेंगे।

हड़बड़ी में गड़बड़ी, राहुल गांधी का आरोप

नीट परीक्षा को लेकर एक बार फिर सवालों का तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था छात्रों के भविष्य के साथ न्याय नहीं कर पा रही है। इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया जिसने लाखों अभ्यर्थियों की चिंता को और बढ़ा दिया। नागपुर के एक छात्र को नीट परीक्षा के लिए जो परीक्षा केंद्र आवंटित हुआ वह भारत में नहीं बल्कि संयुक्त अरब अमीरात के अबूधाबी में था। सेंटर की जानकारी मिलने के बाद छात्र और उसका परिवार सदमे में आ गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार छात्र का रो-रोकर बुरा हाल हो गया क्योंकि उसके लिए इतनी कम अवधि में विदेश जाकर परीक्षा देना लगभग असंभव था। राहुल गांधी ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब परीक्षा प्रणाली ही भरोसेमंद नहीं रहेगी तो छात्रों का मनोबल कैसे बचेगा। उनका आरोप है कि सरकार युवाओं की सबसे बड़ी चिंता शिक्षा और रोजगार को गंभीरता से नहीं ले रही है। नीट सिर्फ एक परीक्षा नहीं है यह लाखों परिवारों के सपनों का दरवाजा है। ऐसे में एक छोटी सी प्रशासनिक चूक भी किसी छात्र के लिए पूरे साल की मेहनत पर भारी पड़ सकती है। यही वजह है कि अब छात्र सिर्फ परीक्षा नहीं बल्कि जवाबदेही भी मांग रहे हैं।

सामने आयी गड़बड़ी पिता बोले- अबू धाबी में सेंटर आवंटित होने से सदमे में है बेटा

नीट यूजी 26 की दोबारा परीक्षा से पहले एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी एडमिट कार्ड में हुई एक गलती के कारण महाराष्ट्र के नागपुर के एक छात्र को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना ने छात्र और उसके माता पिता को अंदर तक हिला कर रख दिया। छात्र के परिवार के अनुसार अब्दुल्ला ने आवेदन करते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा को परीक्षा के लिए अपनी पसंद के शहरों के तौर पर चुना था। लेकिन उसके एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबू धाबी यूएई में दिखाया गया। नीट अभ्यर्थी अब्दुल्ला के पिता मोहम्मद तालिब ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि हम विदेश में परीक्षा केंद्र मिलने पर हैरानी और उलझन जाहिर में हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि ऐसा कैसे हुआ। अब सिर्फ एजेंसी ही इसका कारण बता सकती है। हमने परीक्षा के लिए अपनी पसंद के तीन केंद्र चुने थे लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि वह हमें अबू धाबी क्यों भेजना चाहते हैं। तालिब ने बताया कि उनके बेटे अब्दुल्ला ने पहले नीट परीक्षा दी थी और उन्हें नागपुर में सेंटर मिला था। परीक्षा ठीक से हुई और एप्लीकेशन प्रोसेस या परीक्षा सेंटर चुनने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। तालिब ने कहा पिछली नीट परीक्षा में उन्हें नागपुर में ही सेंटर मिला था। बेटे का पेपर बहुत अच्छा गया था। सेंटर चुनने में हमारी तरफ से कोई गलती नहीं हुई थी।

परीक्षा केंद्रों पर की गई मॉकड्रिल

नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले आज दिल्ली समेत देश भर के परीक्षा केंद्रों पर मॉकड्रिल की गई। इस दौरान परीक्षा केंद्रों की निगरानी समेत अन्य पहलुओं को पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने देखा। नोएडा में भी नीट की दोबारा परीक्षा से पहले सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के लिए सेक्टर 46 के भवानी शंकर इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल की गई। छत्तीसगढ़ के रायपुर 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले शहर भर के नीट परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल की गई, जिसमें 25 केंद्रों पर 9050 उम्मीदवार कड़ी एंट्री और टाइमिंग नियमों के तहत परीक्षा में शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि प्रयागराज में 47 केंद्रों पर नीट यूजी आयोजित की जाएगी और सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। कल सुबह एक मॉक ड्रिल और ड्राई रन किया जाएगा। हमने यह सुनिश्चित किया है कि छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर कोई असुविधा न हो। उत्तर प्रदेश के वाराणसी रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने कहा कि नीट परीक्षा के लिए हमें लगभग 25,000 उम्मीदवारों की सूची मिली है जो यहां आएंगे। उनके लिए जगह की व्यवस्था करने और स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम अपने आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ के साथ अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा मेडिकल टीम को भी स्टेशन पर मौजूद रहने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। नीट री-एग्जाम पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने कहा है कि हम अपनी शुभकामनाएं देते हैं। सरकार जो कोशिशें कर रही है हम उसकी सराहना करते हैं और उसका स्वागत करते हैं। जिस तरह से सरकार काम कर रही है मुझे नहीं लगता कि ऐसी घटनाएं दोबारा होंगी। गुजरात के राजकोट स्थित धर्मेंद्र सिंह कॉलेज के इंचार्ज प्रिंसिपल शिशिर भारद्वाज ने कहा कि इस कॉलेज में कुल 552 छात्र-छात्राओं को अलॉट किया गया है। यह नीट का री-एग्जाम है जो बहुत संवेदनशील मामला है। हम सरकार के सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल स्थित खडग़पुर केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल और नीट डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज संग्राम बनर्जी ने कहा है कि पेपरलीक की वजह से नीट का एग्जाम दूसरी बार हो रहा है। हमारे जिले में लगभग 13 केंद्र हैं और करीब 6500 छात्र री-टेस्ट दे रहे हैं। हरियाणा में नीट री-एग्जाम देने वाले छात्रों के लिए दो दिन तक मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था की गई है। छात्र अपना एडमिट कार्ड दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। करनाल बस स्टैंड के इंचार्ज सोनू ने कहा सरकार ने 20 और 21 जून के लिए एडवाइजरी जारी की है। नीट एग्जाम देने वाले छात्र अपना एडमिट कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। दिल्ली में एक छात्र ने कहा कि मेरी तैयारी बहुत अच्छी चल रही है। मैं पिछले सालों के प्रश्न बहुत अच्छे से सॉल्व कर रहा हूं। पिछली बार परीक्षा रद्द हो गई थी और मैं बहुत निराश हुआ था। इस बार भी मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं ताकि सफल हो सकूं।

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