दलित युवक की मौत ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें, थर्ड डिग्री के आरोपों की होगी जांच

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस हिरासत से घर लौटे एक 22 वर्षीय दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस हिरासत से घर लौटे एक 22 वर्षीय दलित युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है।

युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए थर्ड डिग्री देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और परिजनों व स्थानीय लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया।

मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हुसैनगंज का है। मृतक युवक की पहचान मुन्नीलाल के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए पुलिस उसे मछरेहटा थाने ले गई थी, जहां उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों का कहना है कि थाने से लौटने के कुछ ही घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

चोरी के आरोप में थाने ले गई थी पुलिस

परिजनों के अनुसार, मछरेहटा थाना क्षेत्र के जमलापुर गांव निवासी संजय ने मुन्नीलाल पर चोरी का आरोप लगाया था। आरोप है कि 24 अप्रैल को संजय के घर चोरी हुई थी, जिसके बाद उसने 16 जून को मछरेहटा थाने में मुन्नीलाल के खिलाफ शिकायत दी थी।

शिकायत के आधार पर पुलिस शनिवार सुबह मुन्नीलाल को उसके घर से पूछताछ के लिए थाने लेकर गई थी। परिवार का आरोप है कि युवक को रातभर थाने में रखा गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। मृतक की बहन छोटी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मुन्नीलाल को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। परिजनों का दावा है कि युवक को गंभीर चोटें आई थीं और वह बुरी हालत में घर वापस पहुंचा था।

घर लौटने के कुछ घंटे बाद हुई मौत

परिजनों के मुताबिक, रविवार सुबह पुलिस ने मुन्नीलाल को छोड़ दिया, जिसके बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंचा। घर आने के कुछ घंटे बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे संभाल पाते, इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि मौत से पहले मुन्नीलाल ने उन्हें बताया था कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई और उसे अंदरूनी चोटें पहुंचाई गईं। युवक की मौत के बाद परिवार और मोहल्ले के लोगों में आक्रोश फैल गया।

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

मुन्नीलाल की मौत के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और न्याय दिलाने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत पुलिस प्रताड़ना का परिणाम है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार का आखिरी सहारा था मुन्नीलाल

मुन्नीलाल की मौत से उसका परिवार गहरे संकट में आ गया है। बताया जा रहा है कि युवक के पिता चौधरी का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद कुछ समय पहले उसकी मां और भाई भय्यन की भी मौत हो गई थी। घर की जिम्मेदारी अब पूरी तरह मुन्नीलाल पर थी। वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था और घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय के साथ परिवार के भविष्य की चिंता भी जता रहे हैं।

पुलिस का पक्ष

इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि मुन्नीलाल को चोरी के आरोप में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता संजय और मुन्नीलाल आपस में रिश्तेदार हैं।

पुलिस का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समझौता कराया गया था। पुलिस के मुताबिक, मुन्नीलाल ने चोरी से इनकार किया था, लेकिन आरोप लगाए जाने पर रुपये वापस करने की बात कही थी। इसके बाद चौकी पर्षदा में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और मुन्नीलाल अपने परिजनों के साथ घर चला गया था।

पुलिस ने थर्ड डिग्री या मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों की ओर से शिकायत मिली है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है, जिसके बाद ही युवक की मौत के कारणों की तस्वीर साफ हो सकेगी।

Related Articles

Back to top button