3 महीने की सम्मान राशि का इंतजार खत्म, 1 जुलाई को खातों में पहुंचेंगे पैसे

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘लोक मिलनी’ को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज से नौ दिन बाद पहली जुलाई को 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके खातों में पैसे जमा होने के नोटिफिकेशन मिल जाएंगे.

महिला आर्थिक सशक्तिकरण के मकसद से पंजाब में ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी. इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की माओं-बहनों को रू4,500 मिलेंगे, जबकि बाकी सभी श्रेणियों की महिलाओं को रू3,000 दिए जाएंगे.

फतेहगढ़ साहिब हलके के गांव चनारथल कलां में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए ‘आप’ सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है. उन्होंने आगे कहा कि जब तक पंजाब में ‘आप’ सरकार रहेगी, यह सहायता बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी.

बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर
सीएम मान ने कहा कि जनरल श्रेणी से संबंधित महिलाओं को रू1,000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को रू1,500 प्रति माह मिलेंगे. यह पैसा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा. जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगी. पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसके लिए रू9,300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है.”

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें सम्मान, स्वाभिमान और आत्म-विश्वास देगी. महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन की स्रोत हैं. माताओं-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद करते हैं.
उन्होंने कहा कि घरेलू दर्जे को सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है. जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो परिवार खुशहाल होते हैं और समाज आगे बढ़ता है.”

पंजाब सरकार असली वोट नहीं कटने देगी-मान
एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारत चुनाव आयोग द्वारा चल रही एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार किसी भी असली वोट को काटने नहीं देगी. मैं लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि भाजपा वैध वोटों को काटने के लिए एस.आई.आर. प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले अन्य राज्यों में हुआ है. हालांकि, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और भगवा पार्टी के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे. पंजाब के हर असली मतदाता की रक्षा की जाएगी.”

शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, सुखबीर सिंह बादल पंजाब की जमीनी हकीकतों से कोसों दूर हैं, क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन ऐशो-आराम और सुविधाओं के वातावरण में बिताया है. वे पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए तो उतावले हैं, लेकिन उन्हें राज्य की मूलभूत भौगोलिक स्थिति तक की जानकारी नहीं है.

पंजाब में ऐतिहासिक कानून लागू हुए-सीएम
जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मैं परमात्मा का आभारी हूं, जिसने मुझे यह ऐतिहासिक कानून लागू करने का अवसर दिया. पिछली सरकारों के दौरान जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, तब दुनिया भर में करोड़ों श्रद्धालुओं और सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी गलतियां स्वीकार कीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से उनसे मुकर गए. जो लोग तख्त के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे किसी के भी वफादार नहीं हो सकते. लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहना चाहिए जिनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना और राज्य को लूटना है.

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