आनंद जैन को मिली नई जिम्मेदारी, लद्दाख पुलिस का नेतृत्व संभालेंगे
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आनंद जैन को लद्दाख का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आनंद जैन को लद्दाख का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है.जैन जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं. वो आईपीएस अधिकारी केके शर्मा की जगह लेंगे.
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी आनंद जैन को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है. गृह मंत्रालय (MHA) की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, 1999 बैच के AGMUT कैडर के आईपीएस अधिकारी आनंद जैन तत्काल प्रभाव से लद्दाख पुलिस की कमान संभालेंगे.
गृह मंत्रालय (MHA) ने आनंद जैन का तबादला जम्मू-कश्मीर से लद्दाख किया है. MHA के आदेश के मुताबिक उनकी तैनाती तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अगले आदेश तक वो लद्दाख पुलिस का नेतृत्व करेंगे.
जम्मू-कश्मीर पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई
आनंद जैन का पुलिस सेवा में लंबा अनुभव रहा है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. जम्मू-कश्मीर में वो अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP), आर्म्ड पुलिस के पद पर तैनात थे. दिसंबर 2023 में उन्हें ADGP रैंक पर प्रमोट किया गया था.
जम्मू-कश्मीर में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने IGP जम्मू जोन, एंटी करप्शन ब्यूरो के निदेशक और ADGP आर्म्ड जैसे अहम पद संभाले हैं. जम्मू जोन में रहते हुए उन्होंने सीमा पार आतंकवाद, ड्रोन से हथियार गिराने और नार्को-टेरर के मामलों पर सख्ती से काम किया.
आईपीएस अधिकारी केके शर्मा की जगह ली
आनंद जैन ने आईपीएस अधिकारी केके शर्मा की जगह ली है. केके शर्मा (2012 बैच, AGMUT कैडर) को लद्दाख पुलिस के DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था. इससे पहले आईपीएस अधिकारी मुकेश सिंह (1996 बैच, AGMUT कैडर) लद्दाख के DGP थे, जिन्हें बाद में मणिपुर का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया.
लद्दाख में DGP का पद क्यों है अहम?
5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अलग होकर लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना था.चीन से लगती 1597 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC), सियाचिन और कारगिल जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के कारण यहां DGP की भूमिका बेहद संवेदनशील है. पर्यटन, लेह-मनाली और लेह-श्रीनगर हाईवे की सुरक्षा, नए इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और साइबर क्राइम पर नियंत्रण भी बड़ी चुनौती है.
अनुभव आएगा काम
एंटी करप्शन ब्यूरो के निदेशक रहते हुए आनंद जैन ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की. जम्मू जोन IGP के तौर पर उन्होंने कानून-व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों को लीड किया. सीमावर्ती UT लद्दाख में उनके अनुभव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है. नए DGP के सामने पुलिस मॉडर्नाइजेशन, ड्रग्स नेटवर्क और LAC पर सतर्कता जैसी चुनौतियां होंगी.



