बदायूं में जाम पर सख्ती: सड़क पर उतरे थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह, खुद हटवाया अतिक्रमण
बदायूं में बढ़ती जाम की समस्या को लेकर सिविल लाइन थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह स्वयं सड़क पर उतरे। पुलिस टीम के साथ अतिक्रमण हटवाया, दुकानदारों और ठेला संचालकों को चेतावनी दी। लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बदायूं शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और रोजाना लगने वाले जाम से परेशान लोगों को मंगलवार को कुछ राहत मिलती दिखाई दी। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिविल लाइन थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह स्वयं पुलिस टीम के साथ सड़क पर उतरे और प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। उनकी सक्रियता ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सड़कें आम जनता की सुविधा के लिए हैं, कब्जे के लिए नहीं।
सड़क और फुटपाथ से हटवाया अतिक्रमण
अभियान के दौरान थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने मौके पर मौजूद रहकर सड़क और फुटपाथ पर फैले सामान को हटवाया। कई स्थानों पर दुकानदारों, ठेला संचालकों और अन्य लोगों को समझाया गया कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण करने से यातायात बाधित होता है और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी ने सड़क या फुटपाथ पर अवैध कब्जा किया या अवैध पार्किंग के कारण यातायात प्रभावित हुआ तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने की पुलिस की पहल की सराहना
शहर के स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जाम और अतिक्रमण की समस्या के कारण बाजारों और मुख्य मार्गों पर आवागमन मुश्किल हो गया था। ऐसे में थाना प्रभारी का खुद मैदान में उतरकर कार्रवाई करना सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन और पुलिस नियमित रूप से इस तरह के अभियान चलाते रहें तो शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की सुविधा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बदायूं में जाम और अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सिविल लाइन पुलिस की यह पहल शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रिपोर्ट: संतुलित पाठक, बदायूं
यह भी पढ़ें: कानपुर: दो दोस्तों की आखिरी ड्यूटी! लखनऊ अग्निकांड की अंदर तक झकझोर देने वाली कहानी



