सरकारी ब्लॉक परिसर में मिलीं शराब की बोतलें, खुलासे ने मचा दिया हड़कंप!

सीतापुर के गोंदलामऊ ब्लॉक मुख्यालय में सफाई अभियान के दौरान एक दर्जन से अधिक शराब की खाली बोतलें मिलीं। सरकारी परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले के गोंदलामऊ ब्लॉक मुख्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब सफाई अभियान के दौरान परिसर से एक दर्जन से अधिक शराब की खाली बोतलें बरामद हुईं। सरकारी कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में शराब की बोतलें मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। खास बात यह है कि बरामद बोतलों में कुछ महंगे ब्रांड की शराब की बोतलें भी शामिल बताई जा रही हैं। ऐसे में यह मामला केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सरकारी परिसरों के उपयोग और निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा तेज हो गई है।

नए बीडीओ के सफाई अभियान में सामने आई हकीकत

जानकारी के अनुसार, हाल ही में कार्यभार संभालने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) द्वारा ब्लॉक परिसर में सफाई अभियान शुरू कराया गया था। इसी दौरान परिसर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में खाली शराब की बोतलें बरामद हुईं। सफाई कर्मियों और कर्मचारियों के बीच इस बरामदगी की चर्चा पूरे दिन होती रही। मामला सामने आने के बाद ब्लॉक मुख्यालय की कार्यप्रणाली और परिसर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

चहारदीवारी के भीतर बोतलें मिलने से बढ़ी चर्चा

गोंदलामऊ ब्लॉक परिसर पूरी तरह चहारदीवारी से घिरा हुआ है। ऐसे में परिसर के भीतर शराब की बोतलें मिलने से लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि आखिर इन बोतलों का संबंध किन लोगों से हो सकता है और सरकारी परिसर तक इनकी पहुंच कैसे हुई। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कर्मचारियों से लेकर बाहरी लोगों तक, चर्चाओं का दौर

मामला सामने आने के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग ग्राम पंचायत अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों और तकनीकी सहायकों की भूमिका को लेकर चर्चा कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी परिसर का दुरुपयोग किया जा सकता है। हालांकि इन सभी चर्चाओं की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और तथ्यात्मक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दो सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद सवाल

ब्लॉक मुख्यालय परिसर में नियमित रूप से दो सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी बताई जाती है। ऐसे में यह सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है कि यदि परिसर में शराबखोरी जैसी गतिविधियां हुई हैं तो उनकी जानकारी सुरक्षा व्यवस्था को क्यों नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

निगरानी व्यवस्था पर उठे गंभीर प्रश्न

सरकारी कार्यालयों को आम जनता की सेवा और प्रशासनिक कार्यों का केंद्र माना जाता है। ऐसे में सरकारी परिसर में शराब की खाली बोतलें मिलना प्रशासनिक निगरानी और अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण की जांच कराता है या नहीं और यदि जांच होती है तो उसके निष्कर्ष क्या सामने आते हैं।

रिपोर्ट – वली चौधरी

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