चैतर वसावा के समर्थन में AAP का शक्ति प्रदर्शन, खेरालु में निकला विरोध मार्च

AAP विधायक चैतर वसावा के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में खेरालु विधानसभा में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला…

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है.. आम आदमी पार्टी के लोकप्रिय विधायक चैतर वसावा को जेल भेजे जाने के बाद पार्टी ने इसे BJP की साजिश बताया है.. खेरालु विधानसभा क्षेत्र में AAP के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चैतर भाई के समर्थन में एक बड़ा मार्च निकाला.. सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और नारे लगाते हुए न्याय की मांग की.. यह मार्च पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है..

आपको बता दें कि AAP नेताओं का कहना है कि चैतर वसावा आदिवासी और किसान समुदाय के सच्चे नेता हैं.. उनकी बढ़ती लोकप्रियता से BJP घबरा गई.. और उन्हें झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया.. पार्टी अब सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ रही है.. चैतर वसावा डेडियापाड़ा से AAP विधायक हैं.. वे आदिवासी इलाकों में काफी लोकप्रिय हैं.. 2022 के चुनाव में उनकी जीत ने गुजरात में AAP को नई ताकत दी.. वे हमेशा किसानों, आदिवासियों और गरीबों के हक की बात करते हैं.. वन अधिकार, जमीन की सुरक्षा और स्थानीय समस्याओं पर उनकी आवाज बुलंद रहती है..

वहीं उनकी सादगी और मैदान में सक्रियता की वजह से लोग उन्हें चैतर भाई कहकर पुकारते हैं.. उनकी पत्नी शकुंतला भी राजनीति में सक्रिय हैं.. AAP का आरोप है कि चैतर वसावा पर जो केस बनाया गया है.. वह पूरी तरह राजनीतिक साजिश है.. वन विभाग के अधिकारियों से जुड़े पुराने मामले में उन्हें 7 साल की सजा सुनाई गई.. पार्टी कहती है कि यह केस फर्जी है.. चैतर भाई ने किसानों की मदद की थी.. लेकिन BJP ने उन्हें निशाना बनाया..

इसुदान गढ़वी और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने कहा कि चैतर वसावा की लोकप्रियता BJP को पसंद नहीं आई.. इसलिए उन्हें जेल भेजकर आदिवासी इलाकों में AAP की बढ़ती ताकत को रोकने की कोशिश की गई.. खेरालु विधानसभा में AAP के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चैतर वसावा के समर्थन में मार्च निकाला.. सुबह से ही कार्यकर्ता इकट्ठा होने लगे.. मार्च में बैनर, तख्तियां और AAP के झंडे दिखाई दे रहे थे.. लोग नारे लगा रहे थे कि चैतर भाई को रिहा करो.. BJP की साजिश मुर्दाबाद.. झूठे केस वापस लो..

मार्च में स्थानीय पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और महिलाएं भी शामिल हुईं.. वे गांव-गांव से आए थे.. मार्च के दौरान सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ.. लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा.. कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए.. एक कार्यकर्ता ने कहा कि चैतर भाई हमारे लिए लड़ते हैं.. अब हम उनके लिए लड़ेंगे.. BJP की साजिश कामयाब नहीं होगी.. दूसरे कार्यकर्ता ने बताया कि वे आदिवासी समाज की आवाज हैं.. उन्हें जेल भेजकर सरकार दबाना चाहती है.. लेकिन हम नहीं रुकेंगे..

महिलाओं ने भी इस मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.. एक महिला कार्यकर्ता ने कहा कि चैतर भाई गरीबों के नेता हैं.. उनकी सजा अन्याय है.. हम सड़क पर हैं, तो न्याय जरूर मिलेगा.. यह मार्च सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं था.. AAP कार्यकर्ता लोगों से बातचीत कर रहे थे.. वे चैतर वसावा के कामों के बारे में बता रहे थे.. और पार्टी की योजनाओं की जानकारी दे रहे थे.. इसका मकसद जनसमर्थन जुटाना.. और BJP पर दबाव बनाना था..

जानकारी के मुताबिक खेरालु में AAP की पकड़ अच्छी मानी जाती है.. यहां के लोग चैतर भाई को अपना नेता मानते हैं.. इस मार्च ने पार्टी की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की ताकत दिखाई.. चैतर वसावा की सजा के बाद AAP के 5 विधायकों में से एक विधायक कम हो गया.. लेकिन पार्टी इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रही है.. खेरालु जैसे क्षेत्रों में ऐसे मार्च पार्टी की ताकत बढ़ा रहे हैं.. BJP का कहना है कि अदालत के फैसले का सभी को सम्मान करना चाहिए.. लेकिन AAP इसे साजिश बता रही है.. इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों के बीच तीखी बहस चल रही है..

चैतर वसावा ने विधायक बनने के बाद कई काम किए.. आदिवासी इलाकों में सड़क, पानी, शिक्षा.. और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर दिया.. वन अधिकार कानून को लागू कराने में मदद की.. और किसानों की समस्याएं उठाईं.. उनकी वजह से AAP गुजरात में आदिवासी वोट बैंक में मजबूत हुई.. यही उनकी लोकप्रियता का कारण बताया जा रहा है.. और यही वजह है कि वे राजनीतिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं.. खेरालु का यह मार्च पूरे गुजरात में चल रहे आंदोलन का हिस्सा है.. AAP ने राज्यभर में पदयात्राएं और प्रदर्शन किए हैं.. चैतर भाई की रिहाई और केस वापस लेने की मांग की जा रही है.

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