सेना के लिए नई रणनीति, जनरल धीरज सेठ बोले- ‘VIJAY’ मंत्र से बढ़ेगी ताकत

जनरल धीरज सेठ ने 31वें सेना प्रमुख के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया और इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का धन्यवाद दिया, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नए सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण करते हुए जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को भारतीय सेना को आधुनिक बनाने का संकल्प लिया और विजिलेंस, इनोवेशन, तालमेल और एकीकरण, आत्मनिर्भरता और सैनिकों को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए ‘VIJAY’ नाम के तहत अपनी रणनीतिक दृष्टि की रूपरेखा पेश की.

जनरल धीरज सेठ ने 31वें सेना प्रमुख के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया और इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का धन्यवाद दिया, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया. उन्होंने भारतीय सेना के प्रमुख का पद संभालने पर गर्व और जिम्मेदारी महसूस करने की बात कही.

साथ ही उन्होंने देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है और किसी भी खतरे या चुनौती का सामना कर सकती है. इसके अलावा सेना को और आधुनिक बनाने और नई तकनीकों को अपनाने पर भी विशेष जोर दिया और भविष्य की चुनौतियों के लिए तकनीक से लैस और मजबूत सेना बनाने का लक्ष्य रखा.

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना भविष्य के संघर्षों के लिए खुद को तैयार करने के लिए आधुनिकीकरण करेगी. इसके अलावा ‘VIJAY’ के रूप में बताई अपनी प्राथमिकताएं भी बताई, जिसमें पांच चीजें शामिल हैं.

सीमाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी.
हर समय सेना को युद्ध के लिए तैयार रखा जाएगा.
I – Innovation and Transformation (नवाचार और बदलाव)

नई तकनीकों और नए विचारों को बढ़ावा दिया जाएगा.
आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुसार सेना में बदलाव किए जाएंगे.
J – Jointness and Integration (तालमेल और एकीकरण)

सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल बढ़ाया जाएगा.
राष्ट्रीय सुरक्षा में सभी सरकारी और नागरिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया जाएगा.
A – Atmanirbharta (आत्मनिर्भरता)

स्वदेशी हथियारों, उपकरणों और तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा.
लक्ष्य होगा कि भारत अपने ही बनाए समाधानों के दम पर युद्ध जीते.
Y – Yodha First (योद्धा सबसे पहले)

अग्निवीर से लेकर पूर्व सैनिकों तक सभी जवानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा. सैनिकों की ट्रेनिंग, तकनीकी क्षमता और कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी. पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सम्मान और सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सभी पूर्व सेना प्रमुखों के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया. देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारतीय सेना देश की संप्रभुता, सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेगी. अपने विजन का मूल मंत्र बताया- JAI से VIJAY (जय से विजय)

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