राम मंदिर चंदा चोरी पर महंत दिनेन्द्र दास का बड़ा बयान, बोले- पैसा गबन करने वालों को फांसी दो

अयोध्या में राम मंदिर दान के गबन मामले में महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने दोषियों के लिए फांसी की मांग की है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अयोध्या में राम मंदिर दान के गबन मामले में महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने दोषियों के लिए फांसी की मांग की है.

उन्होंने कहा कि चोरों को जेल भेज दिया गया है. वहीं इस मामले में प्रशासन तेजी से कार्रवाई कर रहा है और SIT जांच का दायरा बढ़ाकर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है.

अयोध्या में दान की रकम के गबन के मामले पर महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने कहा, “जिन्होंने ऐसा किया. उन्हें फांसी दी जानी चाहिए. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास ने कहा कि, “चोरों को जेल भेज दिया गया है. प्रशासन इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रहा है. चोरों को सजा जरूर मिलेगी और पैसे भी वापस लाए जा रहे हैं. राम लला के खिलाफ चोरी करने वालों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए.

यह बयान तब आया है जब एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) वित्तीय गड़बड़ियों की जांच को और आगे बढ़ाने के लिए मंदिर परिसर पहुंची. राज्य सरकार ने हाल ही में SIT को 15 दिन का और समय दिया है और जांच का दायरा बढ़ाया है ताकि इसमें शामिल पूरे नेटवर्क की पूरी तरह से जांच हो सके.

महंत धर्मदास ने क्या कहा?

राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी के मामले पर, राम लला के पूर्व पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा, “SIT जो जांच कर रही है, उसमें समय लगेगा. यह कोई मामूली बात नहीं है. राम जन्मभूमि का मुद्दा आस्था से जुड़ा है. SIT का काम ये पक्का करना है कि ऐसे कामों के लिए जो भी जिम्मेदार हो, उसे सजा मिले. हमें भरोसा है कि SIT निष्पक्ष जांच करेगी. CM योगी आदित्यनाथ इसकी देखरेख कर रहे हैं और वह समझते हैं कि मंदिर और आश्रम कैसे चलते हैं.

उन्होंने कहा कि SIT की जांच की अवधि 15 दिन बढ़ाना एक बहुत अच्छा कदम है. अगर पुलिस सच का पता लगाने के लिए ठान ले, तो उनके पास किसी से सच उगलवाने के कई तरीके होते हैं. अगर पैसा देवता का है, तो संपत्ति भी देवता के नाम पर होनी चाहिए. इसके बजाय, ट्रस्ट ने सब कुछ अपने नाम पर रजिस्टर करवा लिया है. मैं चाहता हूं कि ट्रस्ट को भंग कर दिया जाए और देवता को चढ़ाई गई सारी संपत्ति देवता के नाम पर रजिस्टर की जाए.”

इस सख्त कार्रवाई के बीच, जांच से जुड़ी कुछ अहम बातें सामने आने लगी हैं. वहीं आरोपी रामाशंकर मिश्रा की भाभी साधना मिश्रा ने उनकी बेगुनाही के पक्ष में अपनी चुप्पी तोड़ी है. तथ्यों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा, “दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और बेगुनाहों को रिहा किया जाना चाहिए.”

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