आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, 10 बकरियों की मौके पर मौत
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ईशानगर क्षेत्र स्थित ग्राम बौड़ा में आकाशीय बिजली गिरने से बरगद के पेड़ के नीचे खड़ी 10 बकरियों की मौत हो गई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ईशानगर क्षेत्र स्थित ग्राम बौड़ा में आकाशीय बिजली गिरने से बरगद के पेड़ के नीचे खड़ी 10 बकरियों की मौत हो गई. बकरी पालन से जीवनयापन करने वाले सुंदर अहिरवार के परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक गरीब परिवार की आजीविका पर बड़ा संकट खड़ा हो गया. ईशानगर क्षेत्र के ग्राम बौड़ा में शुक्रवार को तेज गरज-चमक के बीच बरगद के पेड़ के नीचे खड़ी 10 बकरियों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और अब उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है.
जानकारी के अनुसार, ग्राम बौड़ा निवासी 60 वर्षीय सुंदर अहिरवार अपने खेत के पास बकरियां चरा रहे थे. इसी दौरान दिदोल तिगेते इलाके के पास अचानक मौसम खराब हो गया. तेज बारिश और गरज-चमक के बीच बकरियां बचने के लिए पास में मौजूद बरगद के पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। तभी अचानक पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आकर सभी 10 बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई.
बकरी पालन पर निर्भर है परिवार
घटना के बाद सुंदर अहिरवार और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों का कहना है कि उनका परिवार मुख्य रूप से बकरी पालन पर निर्भर है और इन्हीं बकरियों से होने वाली आमदनी से घर का खर्च चलता था. एक साथ 10 बकरियों की मौत ने परिवार की आर्थिक स्थिति को गंभीर संकट में डाल दिया है.
मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है. उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा में हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को जल्द राहत राशि उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि परिवार दोबारा अपनी आजीविका शुरू कर सके.
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से अपील की है कि घटना की जांच कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान पशुपालकों और किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. फिलहाल प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किए जाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है.



