RGPV पेपर चोरी पर कुलगुरु बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

भोपाल स्थित आरजीपीवी में प्रश्नपत्र चोरी के मामले ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भोपाल स्थित आरजीपीवी में प्रश्नपत्र चोरी के मामले ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कुलगुरु प्रो. आलोक शर्मा ने इसे बड़ी चूक बताते हुए विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की साजिश करार दिया है. घटना के बाद पुलिस जांच शुरू हो गई है, जबकि छात्र सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

आरजीपीवी में पेपर चोरी के मामले पर कुलगुरु प्रोफेसर आलोक शर्मा ने इसे बड़ी चूक बताते हुए कहा कि कोई ऐसा दुश्मन है जो विश्वविद्यालय की छवि खराब करना चाहता है, उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे,

जिस भवन में प्रश्नपत्र रखे गए थे उसे तत्काल सील कराया और पुलिस को सूचना देकर एफआईआर दर्ज कराई गई. कुलगुरु ने कहा कि जिस तरह नीट पेपर लीक की घटना से देश ने सबक लिया, उसी तरह आरजीपीवी को भी अपनी परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो.

हालांकि जब उनसे सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल किया गया तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके. इस मामले में एक अहम पहलू यह भी है कि जिस कमरे में करीब 12 अलमारियां थीं, उनमें केवल उसी अलमारी को निशाना बनाया गया जिसमें प्रश्नपत्र रखे थे.

इससे संदेह गहराता है कि वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति या संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है. कुलगुरु ने परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है, जबकि इन सभी पहलुओं की जांच अब पुलिस कर रही है.

छात्रों में भारी नाराजगी, बोले-व्यवस्था पूरी तरह फेल
आरजीपीवी के छात्रों से बातचीत की. छात्रों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए. उनका कहना था कि आरजीपीवी में सुरक्षा और प्रबंधन की स्थिति बेहद कमजोर है, ऐसे में निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

कुछ छात्रों ने तो यहां तक कहा कि जिस तरह नीट परीक्षा के बाद अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने पड़े थे, उसी तरह आरजीपीवी में भी परीक्षा संचालन के लिए किसी बाहरी एजेंसी या विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है. छात्रों ने इस पूरी घटना को उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

टूटा कांच, कई सवाल और पुलिस जांच का इंतजार
जहां से प्रश्नपत्र चोरी होने की घटना सामने आई. मौके पर यह दिखाने की कोशिश की गई कि भवन का एक कांच टूटा हुआ है और आशंका जताई जा रही है कि आरोपी इसी रास्ते अंदर दाखिल हुए होंगे. हालांकि जिस स्थान पर कांच टूटा है, वह काफी ऊंचाई पर है और वहां किसी एक व्यक्ति का आसानी से पहुंच पाना संभव नहीं लगता.

ऐसे में विश्वविद्यालय की ओर से सामने आ रही शुरुआती कहानी पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं. फिलहाल गांधीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस की जांच में इस पेपर चोरी के पीछे किसकी भूमिका सामने आती है और क्या इस मामले में किसी अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता साबित हो पाती है.

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