विंध्य एक्सप्रेस-वे पर मिर्जापुर में भड़का किसान आक्रोश, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

मिर्जापुर में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसान संगठनों ने प्रेसवार्ता कर योजना निरस्त करने की मांग की। किसानों ने उपजाऊ जमीन, पर्यावरण और भूमिहीन होने की आशंका जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क : प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ने के लिए प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे को लेकर मिर्जापुर में किसानों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को जन संघर्ष समिति के बैनर तले किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर परियोजना को किसानों और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने योजना पर पुनर्विचार नहीं किया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

किसानों ने सरकार के सामने रखे कई सवाल

जन संघर्ष समिति के संयोजक इंजीनियर राज बहादुर सिंह ने कहा कि प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के कारण बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी। उनका दावा है कि इस क्षेत्र की जमीन पर किसान साल में तीन फसलें उगाते हैं और यह गंगा बेसिन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नियोजन के कारण छोटे और सीमांत किसान भूमिहीन हो सकते हैं। किसान नेताओं ने यह भी दावा किया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक पहले से सड़क संपर्क उपलब्ध है और प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे की आवश्यकता पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

भूमिहीन होने की आशंका जताई

भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने कहा कि यदि किसानों की भूमि अधिग्रहित होती है तो उनके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति सामने आनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना छोटे और मझोले किसानों के हितों के खिलाफ है। प्रेसवार्ता के दौरान कुछ किसान नेताओं ने परियोजना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित सरकारी पक्ष की ओर से इस समाचार के प्रकाशन तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करेंगे।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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