डॉक्टरों-नर्सों से मारपीट और धमकी, मुंबई में शिंदे गुट के पार्षद पर आरोप

मुंबई के कल्याण-डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे ने डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट की. मारपीट का वीडियो भी सामने आया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मुंबई के कल्याण-डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे ने डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट की. मारपीट का वीडियो भी सामने आया है. घटना से नाराज स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं. उन्होंने आरोपी नगरसेवक पर तत्काल कार्रवाई और अस्पताल में सुरक्षा की मांग की है.

मुंबई के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट का मामला सामने आया है. मारपीट का आरोप महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक नगरसेवक पर लगा है, जिनका नाम रमेश म्हात्रे है. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें म्हात्रे डॉक्टरों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे.

इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए काम बंद कर दिया. जिससे अस्पताल में काम ठप हो गया. उन्होंने सत्ताधारी शिवसेना पार्षद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है. डॉक्टरों का आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई.

घटना का वीडियो वायरल
जानकारी के मुताबिक यह कथित घटना मंगलवार (7 जुलाई) की है. जब शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने एक गर्भवती महिला को रेफर करने को लेकर हुए विवाद के बाद एक महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारा और नर्सों की बेरहमी से पिटाई की. इस कथित घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

महिला डॉक्टर को मारा थप्पड़
सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर म्हात्रे एक महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं, जब वह फोन पर किसी से बात कर रही थीं. महात्रे को अस्पताल के एक कर्मचारी का कॉलर पकड़ते हुए भी देखा गया, जिसके बाद उनके समर्थकों ने उस कर्मचारी की बेरहमी से पिटाई कर दी.

क्या है मामला
बताया जा रहा है कि एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए शास्त्रीनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में एक महिला का सिजेरियन ऑपरेशन हुआ. डॉक्टरों ने देखा कि नवजात बच्चे की गर्दन में गर्भनाल के दो फेरे लिपटे थे जिससे उसकी हालत नाजुक थी. अस्पताल का नवजात गहन चिकित्सा कक्ष यानी NICU पूरी तरह फुल था. जिसकी वजह से डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात बच्चे को बेहतर इलाज के लिए दूसरे बड़े अस्पताल रेफर करने की सलाह दी.

फोन न उठाने पर भड़के पार्षद
मरीज के परिजनों ने इस बात को लेकर स्थानीय नगरसेवक से संपर्क किया. मरीजों की जान बचाने में व्यस्त डॉक्टर उस वक्त स्थानीय नगरसेवक का फोन नहीं उठा पाए. इसके बाद नगरसेवक अस्पताल पहुंचे और यहीं से विवाद शुरू हुआ. अस्पताल पहुंचते ही नगरसेवक ने बिना कुछ सुने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. बीच-बचाव करने आईं नर्स नमिता उबाले और द्रव्या गिरी को भी धक्का दिया गया.

‘अस्पताल के बाहर निकलो, तुम्हें खत्म कर दूंगा’
डॉक्टरों का आरोप है कि नगरसेवक ने बिना पूरी जानकारी लिए डॉ. वैभव सालुंखे और डॉ. सृष्टि बाविस्कर के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की. इस दौरान डॉ. वैभव सालुंखे घायल हो गए. यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई. डॉक्टरों का यह भी आरोप है कि अस्पताल से निकलते समय डॉक्टरों और कर्मचारियों को धमकी भी दी गई. उनसे कहा गया ‘अस्पताल के बाहर निकलो, तुम्हें खत्म कर दूंगा’.

हड़ताल पर गए अस्पताल के कर्मचारी
इस घटना के बाद, डॉक्टर, नर्स और अस्पताल के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए और अस्पताल में काम रोक दिया. उन्होंने सत्ताधारी शिवसेना पार्षद के खिलाफ तुरंत कार्रवाई और अस्पताल में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम की मांग की.डॉक्टरों और नर्सों ने साफ कहा है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वो काम पर वापस नहीं लौटेंगे. फिलहाल अस्पताल की ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह ठप हैं और केवल इमरजेंसी मरीजों को देखा जा रहा है.

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