BJP ने मांजलपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया, 30 जुलाई को होगी अग्निपरीक्षा!

मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है... उम्मीदवार के ऐलान के साथ ही... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में एक नई हलचल शुरू हो गई है.. वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए.. भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है.. पार्टी ने सतीशभाई गोविंदभाई पटेल पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है.. यह उपचुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा.. बल्कि इसे अगले साल होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी कहा जा रहा है.. ऐसे में सभी राजनीतिक दल इस चुनाव को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं..

भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए सतीशभाई गोविंदभाई पटेल के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है.. उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही इस सीट पर चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है.. बीजेपी संगठन का मानना है कि सतीशभाई गोविंदभाई पटेल स्थानीय स्तर पर एक सक्रिय.. और अनुभवी चेहरा हैं.. संगठन में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है.. और वे लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं.. इसी विश्वास के साथ बीजेपी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है.. वहीं अब सवाल उठता है कि आखिर मांजलपुर सीट पर उपचुनाव की जरूरत क्यों पड़ी..

दरअसल, यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद रिक्त हुई थी.. योगेश पटेल कई वर्षों तक मांजलपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे.. और क्षेत्र के लोकप्रिय नेताओं में उनकी पहचान थी.. उनके निधन के बाद निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव कराने का फैसला लिया.. योगेश पटेल पाटीदार समाज से आते थे.. और उनकी क्षेत्र में अच्छी राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी.. वे लगातार जनता के बीच सक्रिय रहते थे.. और विकास कार्यों को लेकर भी उनकी अलग पहचान थी..

वहीं अगर पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें.. तो वर्ष 2022 में योगेश पटेल ने मांजलपुर सीट पर शानदार जीत दर्ज की थी.. और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से हराया था.. यही वजह है कि मांजलपुर सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है.. पिछले कई चुनावों से इस सीट पर बीजेपी का दबदबा कायम रहा है.. संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता इस सीट पर पार्टी की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है.. हालांकि इस बार परिस्थितियां कुछ अलग हैं..

आपको बता दें कि यह उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है.. जब अगले वर्ष गुजरात विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं.. इसलिए सभी राजनीतिक दल इस चुनाव को अपनी ताकत दिखाने का मौका मान रहे हैं.. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मांजलपुर उपचुनाव का असर आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है.. वहीं अब हम बात करते हैं चुनाव कार्यक्रम की.. बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग ने मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए विस्तृत कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है..

निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू हो चुकी है.. उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं.. इसके बाद 14 जुलाई को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी.. यदि कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहता है.. तो उसके लिए 16 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है.. इसके बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी होगी.. और चुनाव प्रचार पूरी रफ्तार पकड़ लेगा.. निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा.. इसके बाद 3 अगस्त को मतगणना होगी.. और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे.. आपको बता दें कि निर्वाचन आयोग ने मतदान को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किया है.. आयोग ने स्पष्ट किया है कि.. मतदान वाले दिन सभी पात्र मतदाताओं को सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा..

 

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