NEET पेपर लीक: CBI की चार्जशीट में बड़ा दावा, पेपर सेटर को दिए गए थे लाखों रुपये
CBI के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने परीक्षा के रसायन (Chemistry) विषय के प्रश्न हासिल करने के लिए 5 लाख रुपए दिए थे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है कि लातूर के एक कोचिंग सेंटर संचालक ने केमिस्ट्री न के प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे. CBI ने 111 लीक हुए प्रश्नों की पुष्टि की है जो NTA के मास्टर प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं.
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले की जांच कर रही है. पेपर लीक के तार महाराष्ट्र, उतत्र प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों से जुड़े हैं. इस बीच CBI ने बड़ा खुलासा किया है. CBI के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने परीक्षा के रसायन (Chemistry) विषय के प्रश्न हासिल करने के लिए 5 लाख रुपए दिए थे.
CBI ने विशेष अदालत को बताया कि यह रकम पी. वी. कुलकर्णी को दी गई थी, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के उस पैनल का हिस्सा थे, जिसने NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार किए थे. एजेंसी ने बताया कि मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की केमिस्ट्री ट्यूशन क्लास में पढ़ता था और वहीं से कथित तौर पर ये सवाल उपलब्ध कराए गए.
परीक्षा से पहले हासिल किए सवाल
CBI के अमुसार लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले लीक हुए केमिस्ट्री के सवाल हासिल किए. एजेंसी ने कोर्ट में दाखिल जवाब में कहा कि इसके बदले कथित तौर पर 5 लाख रुपए का भुगतान किया गया था.
फोन से तस्वीरें बरामद
CBI ने मोटेगांवकर का फोन बरामद किया है, जिसमें केमिस्ट्री के 132 हस्तलिखित प्रश्नों वाली 36 तस्वीरें (पांच डुप्लिकेट तस्वीरें) मिली हैं. जिनमें से 111 प्रश्न NTA के मास्टर प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं. दावा किया गया है कि ये तस्वीरें कथित तौर पर मोटेगांवकर की लिखावट में थीं. साथ ही यह भी कहा गया है कि मेटाडेटा विश्लेषण से पता चला है कि ये तस्वीरें 3 मई को हुई NEET (UG) परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले ली गई थीं.
नेटवर्क की जांच जारी
जांच एजेंसी के मुताबिक, मोटेगांवकर को NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है और मामले की गहन जांच जारी है. CBI यह भी पता लगा रही है कि प्रश्नपत्र लीक करने के इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इसका दायरा कितना व्यापक था.
फिलहाल मामले की सुनवाई विशेष अदालत में चल रही है और CBI ने आरोपियों के खिलाफ अपने दावों के समर्थन में अदालत के समक्ष यह जानकारी प्रस्तुत की है. आरोपी पक्ष की ओर से इन आरोपों पर अदालत में जवाब दिया जाना बाकी है. एजेंसी ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है.



