उपेन्द्र आत्महत्या केस के बाद खुली पुराने मामलों की फाइलें, जांच पर सबकी नजर

बीसलपुर नगर पालिका कर्मचारी उपेन्द्र शंखधार आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपी के पुराने मुकदमे फिर चर्चा में हैं। परिजनों ने जल्द गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच जारी है।

पीलीभीत: बीसलपुर नगर पालिका कर्मचारी उपेन्द्र शंखधार की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एफआईआर में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के बीच मुख्य आरोपी अमन जायसवाल उर्फ निक्की के खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, सख्त कानूनी कार्रवाई और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, बुलडोजर या एनकाउंटर जैसी कार्रवाई का निर्णय केवल सक्षम प्रशासन और कानून के अनुसार ही लिया जा सकता है।

परिजनों की मांग, पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें

परिजनों का आरोप है कि घटना के कई दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पुराने मुकदमे फिर चर्चा में

स्थानीय स्तर पर यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमन जायसवाल उर्फ निक्की के खिलाफ वर्ष 2010 से 2018 के बीच डकैती, लूट, हत्या के प्रयास, अपहरण, धोखाधड़ी, बलवा, मारपीट, धमकी और जुआ अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम न्यायिक स्थिति या दोषसिद्धि संबंधी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी

मामले में अवैध खनन और अन्य गतिविधियों से जुड़े आरोप भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार की नजर बनी हुई है।

रिपोर्ट- सुनील सक्सेना, बरेली

यह भी पढ़ें: सीतापुर में युवती की मौत से सनसनी, प्रेम प्रसंग का एंगल भी जांच के घेरे में

Related Articles

Back to top button