10 वर्षों से लगातार रक्तदान कर दे रहे सेवा का संदेश, अब तक सैकड़ों लोगों को किया प्रेरित

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 19 जुलाई समाजसेवा केवल भाषणों या विचारों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वास्तविक सेवा वह होती है जो किसी जरूरतमंद के जीवन में नई उम्मीद बनकर पहुंचे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 19 जुलाई समाजसेवा केवल भाषणों या विचारों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वास्तविक सेवा वह होती है जो किसी जरूरतमंद के जीवन में नई उम्मीद बनकर पहुंचे।

इसी सोच को अपने कार्यों से साकार कर रहे युवा जनकल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जनसेवक कुलदीप पाण्डेय ने रविवार को एक और प्रेरणादायक उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली। उन्होंने रक्तवीर युवा क्लब, गोरखपुर द्वारा आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में रक्तदान कर अपने जीवन का 30वां स्वैच्छिक रक्तदान सफलतापूर्वक पूरा किया।

महज 32 वर्ष की आयु में 30 बार रक्तदान का यह सफर न केवल युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि यदि सेवा का संकल्प दृढ़ हो तो कम उम्र में भी समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा सकते हैं। कुलदीप पाण्डेय पिछले 10 वर्षों से लगातार विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और रक्तदान शिविरों के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, क्योंकि यह सीधे किसी व्यक्ति को जीवनदान देने का माध्यम बनता है।

रक्तदान के क्षेत्र में उनकी सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रक्तवीर युवा क्लब के माध्यम से उन्होंने पिछले चार वर्षों में छह बार रक्तदान किया है। इसके अलावा उनकी संस्था युवा जनकल्याण समिति के नेतृत्व में समय-समय पर आयोजित चार रक्तदान शिविरों में लगभग 100 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिससे अनेक जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और कई परिवारों को नई उम्मीद मिली।

गोरखपुर के राजेंद्र नगर पश्चिमी गोकुलधाम निवासी एवं प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित बृजेश पाण्डेय के सुपुत्र कुलदीप पाण्डेय समाजसेवा के साथ-साथ जनहित के विभिन्न मुद्दों पर भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जनसेवक के रूप में वे राजनीति के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने, युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में निरंतर योगदान दे रहे हैं।

रक्तदान शिविर के दौरान कुलदीप पाण्डेय ने कहा कि “रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प आज तक उपलब्ध नहीं है। किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता महिला, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे, कैंसर मरीज या गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति के लिए रक्तदान जीवन और मृत्यु के बीच का सबसे महत्वपूर्ण सहारा बन सकता है।

इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। इससे न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है, बल्कि समाज में मानवता, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत होती है।”

उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि आज के समय में समाज को केवल दर्शक नहीं बल्कि जिम्मेदार नागरिकों की आवश्यकता है। यदि युवा वर्ग वर्ष में एक या दो बार भी स्वैच्छिक रक्तदान का संकल्प ले, तो देश में रक्त की कमी जैसी समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।

शिविर में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं रक्तवीर युवा क्लब के पदाधिकारियों ने कुलदीप पाण्डेय के 30वें रक्तदान पर उन्हें सम्मानित करते हुए उनके सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुलदीप पाण्डेय जैसे समाजसेवी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के वर्षों से मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। उनके प्रयासों से अनेक युवा रक्तदान के लिए प्रेरित हुए हैं और समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है।

समाजसेवा के क्षेत्र में कुलदीप पाण्डेय का यह योगदान यह संदेश देता है कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसके संवेदनशील और जागरूक नागरिक होते हैं। उनका 30वां स्वैच्छिक रक्तदान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवता के प्रति समर्पण, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है। आने वाले समय में भी उनसे इसी प्रकार समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है।

रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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