हनुमान चालीसा से AAP का बड़ा अभियान, राम मंदिर चंदा चोरी के दोषियों को सख्त सजा की मांग
आम आदमी पार्टी ने राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है... पार्टी कार्यकर्ता हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं तथा चोरी का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है.. भगवान श्रीराम की पवित्र नगरी से जुड़ी इस खबर ने लाखों-करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को झकझोर दिया है.. श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर में दान अर्पित करते हैं.. ऐसे में यदि चढ़ावे में गड़बड़ी या चोरी के आरोप सामने आते हैं.. तो यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं रह जाता.. बल्कि आस्था और विश्वास से जुड़ा प्रश्न भी बन जाता है..
इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट किया है.. पार्टी के नेताओं ने इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है.. इसी क्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता ईसुदान गढ़वी ने घोषणा की है कि.. अगले 10 दिनों तक पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने घरों, सोसायटियों.. और क्षेत्रों में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे.. इसके साथ ही वे भगवान श्रीराम से प्रार्थना करेंगे कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले.. और न्याय सुनिश्चित हो.. पार्टी का कहना है कि इस अभियान के दौरान लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी.. और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी..
वहीं यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि राम मंदिर देश के सबसे सुरक्षित धार्मिक स्थलों में से एक है.. यहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहते हैं.. ऐसे में यदि चढ़ावे की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं.. तो स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में कई प्रश्न खड़े होते हैं.. आम आदमी पार्टी का कहना है कि.. दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.. इस पूरे मामले में पार्टी ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है..
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.. बताया गया कि मार्च 2025 से कथित तौर पर छोटी-छोटी रकम निकालने का सिलसिला शुरू हुआ.. शुरुआत में कुछ नोट गायब किए जाते थे.. लेकिन बाद में यह रकम लगातार बढ़ती चली गई.. जांच एजेंसियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कुछ कर्मचारी कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए.. आरोप है कि नोटों की गड्डियां मोजों, जेबों या अन्य स्थानों पर छिपाकर बाहर ले जाई जाती थी.. इन आरोपों की जांच के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने का दावा किया गया..
इस मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ा जब समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे ने करोड़ों रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया.. उनके आरोपों के बाद जांच तेज हुई और विशेष जांच दल का गठन किया गया.. जांच में 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच कथित चोरी की लगभग 70 घटनाओं का उल्लेख किया गया.. पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया.. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव.. और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं.. जांच एजेंसियों के अनुसार, इन सभी से पूछताछ की जा रही है.. और मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास जारी है..
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास से लगभग 80 लाख रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा और कुछ अन्य कीमती सामान बरामद किया गया है.. जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर चोरी की रकम से प्लॉट खरीदे गए, वाहन खरीदे गए.. और कुछ धनराशि रिश्तेदारों में भी बांटी गई.. कुछ आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है.. हालांकि विपक्षी दलों का आरोप है कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित है.. और बड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच नहीं की जा रही..
राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है.. देश और दुनिया से आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार नकद दान, सोना, चांदी, आभूषण.. और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भगवान श्रीराम को अर्पित करते हैं.. ऐसे में यदि चढ़ावे की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं.. तो यह स्वाभाविक रूप से श्रद्धालुओं को आहत करता है.. यही कारण है कि इस पूरे मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है..
ईसुदान गढ़वी ने कहा कि राम भक्तों की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता.. उन्होंने घोषणा की कि अगले 10 दिनों तक आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करेंगे.. उनका कहना है कि भगवान हनुमान, भगवान श्रीराम के सबसे बड़े भक्त हैं.. और उनके स्मरण के साथ न्याय एवं सत्य की जीत की कामना की जाएगी.. साथ ही लोगों को इस मामले की जानकारी देकर उनसे हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे..
आपको बता दें कि पार्टी का कहना है कि यह हस्ताक्षर अभियान केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं.. बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को आवाज देने का प्रयास है.. अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि जांच में अब तक क्या सामने आया है.. किन लोगों पर आरोप लगे हैं और आगे क्या कार्रवाई हो रही है.. इसके बाद एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजने की बात भी कही गई है..



