अहमदाबाद विमान हादसा, पीड़ित परिवारों का बड़ा सवाल, ब्लैक बॉक्स डेटा कब होगा सार्वजनिक?
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद पीड़ितों के परिजनों ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग तेज कर दी है... उनका सवाल है कि ब्लैक बॉक्स...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अहमदाबाद में पिछले साल हुए एअर इंडिया विमान हादसे की वजह का अब तक पता नहीं चल सका है.. इस दर्दनाक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवार अब जांच में हो रही देरी से बेहद नाराज हैं.. पीड़ितों के परिजनों ने विमान के ब्लैक बॉक्स डेटा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की ट्रांसक्रिप्ट सार्वजनिक करने की मांग तेज कर दी है.. उनका कहना है कि हादसे के एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि आखिर विमान दुर्घटनाग्रस्त क्यों हुआ.. परिजनों ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के उस रुख पर भी नाराजगी जताई है.. जिसमें ब्यूरो ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले ब्लैक बॉक्स डेटा या कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक नहीं की जाएगी.. AAIB का कहना है कि वह केवल अंतिम जांच रिपोर्ट जारी करेगा.. और उससे पहले किसी भी संवेदनशील जानकारी का खुलासा नहीं किया जाएगा..
आपको बता दें कि यह मांग रविवार को अहमदाबाद में पीड़ित परिवारों की एक बैठक के दौरान प्रमुखता से उठाई गई.. यह बैठक उस समय हुई.. जब कुछ ही दिन पहले AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को अपने हलफनामे में बताया था कि.. चल रही जांच के दौरान ब्लैक बॉक्स डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की रिकॉर्डिंग या उससे जुड़ी अन्य संवेदनशील जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी.. गौरतलब है कि एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी.. पिछले साल 12 जून को उड़ान भरने के महज कुछ सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी.. सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टेकऑफ करने के तुरंत बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हवा में असंतुलित हो गया.. और उसका मलबा बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर जा गिरा..
वहीं यह हादसा इतना भयावह था कि विमान में सवार 242 लोगों में से 241 यात्रियों.. और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई.. इसके अलावा जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी अपनी जान गंवाई.. केवल एक यात्री इस दुर्घटना में जीवित बच पाया था.. इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.. और विमानन सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे.. हादसे में अपने भाई, भतीजी और चाची को खोने वाले रोमिन वोहरा ने AAIB के फैसले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की.. और उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एजेंसी का शुरू से ही कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जानकारी सार्वजनिक करने का कोई इरादा नहीं था.. तो दुर्घटना के कुछ ही दिनों बाद शुरुआती रिपोर्ट के हिस्से के रूप में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की ट्रांसक्रिप्ट क्यों जारी की गई थी..
रोमिन वोहरा का कहना है कि इस फैसले ने पीड़ित परिवारों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं.. उनका आरोप है कि परिवार यह जानना चाहते हैं कि क्या चुनिंदा जानकारी सार्वजनिक करने का उद्देश्य पायलटों पर दोष मढ़ना था.. या फिर पीड़ित परिवारों को गुमराह करना.. उन्होंने कहा कि परिवार किसी भी प्रकार की अटकलों पर भरोसा नहीं करना चाहते.. वे केवल तथ्य जानना चाहते हैं.. उनका कहना है कि अगर जांच निष्पक्ष.. और पारदर्शी है.. तो ब्लैक बॉक्स का मूल डेटा सार्वजनिक करने में आखिर परेशानी क्या है..
रोमिन वोहरा ने मांग की कि रॉ ब्लैक बॉक्स डेटा या तो सार्वजनिक किया जाए.. या सीधे पीड़ित परिवारों के साथ साझा किया जाए.. अथवा उनके कानूनी प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाए.. ताकि स्वतंत्र विशेषज्ञ भी उसकी समीक्षा कर सकें.. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल परिवारों ने कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की है.. वे AAIB की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.. हालांकि उनके वकील ब्लैक बॉक्स डेटा प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों का अध्ययन कर रहे हैं..



