संसद में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, प्रियंका गांधी ने खोला मोर्चा! बीजेपी पर बढ़ा दबाव
भाजपा राज में आज हर वर्ग परेशान नजर आ रहा है। दिल्ली में जिस तरह से छात्रों को पीटा गया यह किसी काले इतिहास से कम नहीं है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में आज हर वर्ग परेशान नजर आ रहा है। दिल्ली में जिस तरह से छात्रों को पीटा गया यह किसी काले इतिहास से कम नहीं है।
तो शायद ही गोरों ने किया हो जैसा अब की भाजपा सरकार कर रही है। इसी बीच एक तरफ जहां CJP का प्रोटेस्ट जारी है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी हमलावर है।
पेपर लीक के मामलों को लेकर संसद के मानसून सत्र में सियासी माहौल गरमा गया. केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति के तहत कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसद आज काले कपड़े पहनकर संसद भवन पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए. विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा विवाद और हालिया पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
इस दौरान शिक्षा मंत्री और सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए. विपक्ष का कहना है कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं और सरकार इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने से बच रही है. इसी विरोध के प्रतीक के तौर पर सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे.
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे और NEET पेपर लीक विवाद, छात्रों के आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा. विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे.
सांसदों ने काले वस्त्र पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया. विपक्ष का कहना है कि यह विरोध केवल सांसदों के साथ हुई कार्रवाई का नहीं, बल्कि उन छात्रों के समर्थन में भी है जो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि सभी विपक्षी सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों और सांसदों पर पुलिस के इस्तेमाल के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे हैं. उनके मुताबिक विपक्ष चाहता है कि सरकार टकराव का रास्ता छोड़कर छात्रों से संवाद करे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गंभीर पहल करे.
वहीं दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए छात्रों के समर्थन में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र केवल अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं और उनसे संवाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हम छात्रों के साथ हैं और उनकी आवाज उठा रहे हैं।
छात्र केवल बातचीत और व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। बच्चे मेहनत करके पढ़ाई करते हैं और अपने भविष्य के सपने देखते हैं। यदि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाएगा तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।” उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क और संसद दोनों जगह लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से किया जा रहा प्रदर्शन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
वहीं इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़ा दावा किया है. युवा सरकार के खिलाफ है कि मंत्री को हटाया जाए लेकिन क्या दबाव है कि सरकार मंत्री को नहीं हटा पा रहे हैं. क्या दबाव है कि कहीं मंत्री के पास छुपे राज हों और कहीं ऐसा दबाव बने तो जान बचाने के लिए राज खुल जाएं.
गौरतलब है कि यह मामला अब और बड़ा हो चुका है। जो छात्र पहले धर्मेद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे वाली आज मोदी का भी इस्तीफा मांग रहे हैं। साथ ही विपक्ष भी भाजपा सरकार पर हमलावर है।



