छात्र आंदोलन पर अड़े अभिजीत दिपके, बोले- मांगें पूरी होंगी तभी खत्म होगा आंदोलन
जंतर मंतर पर 22 जुलाई की हिंसा के बाद CJP के अभिजीत दिपके ने BJP पर विरोध प्रदर्शन भड़काने और पुलिस पर बर्बर लाठीचार्ज का आरोप लगाया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जंतर मंतर पर 22 जुलाई की हिंसा के बाद CJP के अभिजीत दिपके ने BJP पर विरोध प्रदर्शन भड़काने और पुलिस पर बर्बर लाठीचार्ज का आरोप लगाया.
दिपके के अनुसार, BJP बाहर से गुंडे भेजकर अशांति फैला रही है. उन्होंने लाठीचार्ज को क्रूर बताते हुए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को अदालत ले जाने की बात कही.
दिल्ली के जंतर-मंतर से 22 जुलाई की हिंसा की तस्वीरें सामने आईं, जिसमें कुछ उपद्रवियों ने लाठी और पत्थर के जरिए पुलिस के कई अधिकारियों के साथ मारपीट की, इनमें एसीपी पंजाबी बाग, जय प्रकाश सहित कई पुलिसवाले शामिल हैं.
इस घटना के बाद सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा कि, “जान-बूझकर विरोध प्रदर्शन में बाधा डालने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है. पुलिस ट्रकों में भरकर पत्थर लाती है. हम यहां एक महीने से बैठे हैं.
दिपके ने कहा कि एक महीने में ऐसी कोई घटना नहीं हुई. लेकिन अब, जैसे-जैसे यह विरोध प्रदर्शन बढ़ा है, BJP बाहर से गुंडों को भेजकर लोगों को जान-बूझकर भड़का रही है. पत्थर फेंकने वाले लोग BJP के ही हैं. पुलिस यहां पत्थर से भरे ट्रक लाती है. BJP के गुंडे आते हैं, पत्थर फेंकते हैं और फिर CJP के लोगों को बदनाम करते हैं.”
दिपके ने कहा कि, “मैंने लाठीचार्ज के बारे में पहले ही बात की है. ये बहुत बर्बर था और जिन पुलिस अधिकारियों ने इसे अंजाम दिया, हम उन्हें अदालत में ले जाएंगे. आज हमारे विरोध प्रदर्शन का 34वां दिन है. सोनम सर की भूख हड़ताल जारी है.
आज उनकी भूख हड़ताल का 26वां दिन है, इसलिए हमारी मांगें पूरी होने तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. लेकिन, हम सोनम सर से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि हम उनकी जान नहीं गंवा सकते.”
‘इंटरनेट बंद कर दिया गया’
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. क्या सरकार एक और कठोर कार्रवाई की तैयारी कर रही है?’
एक अन्य पोस्ट में दीपके ने प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आदेशों का पालन न करें और जनता के साथ खड़े हों.
यह बयान ऐसे समय आया है जब 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के बाद प्रदर्शनकारी लगातार तीसरे दिन जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं. उस दौरान दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े थे.



