धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या समझौता? अखिलेश के सुझाव से बदलेगा समीकरण
बातचीत में कॉकरोच पार्टी ने साफ कर दिया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाना ही होगा, तभी बातचीत आगे बढ़ सकती है और छात्र प्रदर्शन खत्म कर सकते हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: छात्रों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कहना है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होने के बाद ही आगे बात बढ़ सकती है. वहीं, अखिलेश यादव ने सरकार को बीच का रास्ता सुझाया है.
पेपर लीक पर सख्त कानून को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. इसके बावजूद छात्र प्रदर्शन को खत्म करने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं. शुक्रवार (24 जुलाई) को सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक हुई. बातचीत में कॉकरोच पार्टी ने साफ कर दिया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाना ही होगा, तभी बातचीत आगे बढ़ सकती है और छात्र प्रदर्शन खत्म कर सकते हैं.
पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि हमने छात्रों की मांग से सरकार को अवगत करा दिया है. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूरी है. आंदोलन की यही भावना है.
प्रधान के इस्तीफा पर किसने क्या कहा?
मल्लिकार्जुन खरगे- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा. उसके बाद हम एजुकेशन सिस्टम पर चर्चा करेंगे. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अगर नहीं होता है तो हम विरोध प्रदर्शन करेंगे. खरगे इसके बाद संसद के मुख्य द्वार पर एक प्रदर्शन में शामिल हुए. वहां उन्होंने हमें न्याय दो और मोदी सरकार चोर है का नारा लगाया.
राहुल गांधी- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहती है कि हम चर्चा में भाग लें, लेकिन जब तक इस्तीफा नहीं होता है तब तक चर्चा में भाग लेने का कोई सवाल नहीं है. राहुल ने कहा कि छात्रों की 3 मांगें हैं, उससे कोई समझौता नहीं होगा. इनमें सदन में पीएम मोदी का माफी मांगना, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों की जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल हैं.
अखिलेश यादव- सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को पहले प्रधान का इस्तीफा ले लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि भले ही 15 दिन बाद उन्हें दोबारा शपथ दिला दी जाए. अखिलेश ने कहा कि मुद्दा गलती मानने का है और सरकार को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए.
सोनम वांगचुक- सोशल एक्टिविस्ट धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बयान दिया है. वांगचुक ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे नहीं देते हैं तो इसका नुकसान सरकार को ही होगा. अगर प्रधान इस्तीफा देते हैं तो इससे उन्हीं को फायदा होगा. इससे छात्रों पर कोई असर नहीं होने वाला है.
अभिजीत दीपके- कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख दीपेक ने कहा कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर लिया है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रहेगी. हम शांति पूर्ण प्रदर्शन करते रहेंगे.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग क्यों?
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान के रहते नीट-2024 और नीट-2026 का पेपर लीक हुआ. प्रधान को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए, नहीं तो सरकार उन्हें बर्खास्त करे.
वहीं सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. कॉकरोच जनता पार्टी के साथ बातचीत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस पर बोलने के लिए एक दिन का समय मांगा है.
यानी 25 जुलाई को यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रधान इस्तीफा देंगे या नहीं? 57 साल के धर्मेंद्र प्रधान 2014 से मोदी कैबिनेट में शामिल हैं. शिक्षा मंत्रालय से पहले प्रधान के पास पेट्रोलियम और इस्पात जैसे अहम विभागों का जिम्मा था.



