राम मंदिर चंदा घोटाला: SC ने कहा- SIT में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हो
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चंदा चोरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए SIT जांच की निगरानी से इनकार कर दिया. इसके साथ ही कहा कि एसआईटी में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हो.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चंदा चोरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए SIT जांच की निगरानी से इनकार कर दिया. इसके साथ ही कहा कि एसआईटी में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हो.
राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच को लेकर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जांच की निगरानी (मॉनिटरिंग) करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि गठित की जा रही विशेष जांच टीम (SIT) में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी शामिल किया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष, सही और पारदर्शी तरीके से हो सके.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुझाए गए नामों के आधार पर एसआईटी का गठन किया जा रहा है. इस टीम का नेतृत्व एस किरण कर रहे हैं. उनके साथ डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG), इंस्पेक्टर जनरल (IG) और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) स्तर के अधिकारी भी जांच टीम का हिस्सा हैं.
मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने याचिकाकर्ता की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से जांच की निगरानी करने का अनुरोध किया गया था. कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “हम जांच की निगरानी नहीं करेंगे, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जांच निष्पक्ष, सही और पारदर्शी हो.” सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को जांच की प्रगति पर स्थिति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी.
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नई एसआईटी गठन के लिए अधिकारियों के नाम सुझाने को कहा था. यूपी सरकार की तरफ से गठित की गई एसआईटी पिछली सुनवाई में अदालत में प्रगति रिपोर्ट पेश कर चुकी है. एसजी ने कहा कि हमारी ओर से एसआईटी के गठन का काम पूरा है. शेष आपके आदेश पर है.
ट्रस्ट की रसीदों को वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग
सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने याचिकाकर्ता की ओर से कहा कि देश भर से लोगों ने 100 रुपये, 500 रुपये दिए. इसकी रसीदें भी थीं, लेकिन आरोप है कि यह पैसा ट्रस्ट तक नहीं पहुंचा. ट्रस्ट की रसीदों को वेबसाइट पर अपलोड किया जाए. सीजेआई ने कहा कि SIT को अपनी रिपोर्ट देने दें. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. हम इस घटना की गहन जांच कर रहे हैं.
फॉरेंसिक ऑडिटर को भी जांच में शामिल करने का आदेश
सीजेआई ने आदेश में दर्ज किया कि यूपी सरकार की ओर से दिए गए नामों के तहत एसआईटी का गठन किया जा रहा है. एक फॉरेंसिक ऑडिटर भी इस एसआईटी में सदस्य के तौर पर शामिल रहेगा. जांच जारी है और हम एसआईटी को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हैं.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि वह चल रही पुलिस जांच को उसी तीन सदस्यों वाली SIT की निगरानी में रखने पर विचार करे, जिसने पहले कथित धोखाधड़ी के शुरुआती सबूत खोजे थे.



