जयशंकर का बड़ा बयान, कहा-भारतीय नाविकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
डॉ. जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन के विदेश मंत्री से ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों के बारे में बातचीत हुई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: डॉ. जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन के विदेश मंत्री से ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों के बारे में बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि हम किसी भी पक्ष की ओर से ऐसे हमले बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे.
वाणिज्यिक (कार्गो) जहाजों पर हमलों के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से टेलीफोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं के हालिया विदेश दौरों के बाद यह बातचीत हुई, जिसमें यूक्रेन संघर्ष और उससे जुड़े ताजा घटनाओं पर चर्चा की गई. बातचीत के दौरान डॉ. जयशंकर ने ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाजों और उन पर कार्यरत भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) पर हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई.
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और भारत ऐसे हमलों की स्पष्ट एवं बिना किसी शर्त के निंदा करता है.
कूटनीति के माध्यम से समाधान का समर्थन
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने उन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध और शांति वार्ताओं से जुड़े ताजा घटनाओं की जानकारी दी. इस पर भारत ने एक बार फिर अपना पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि वह संबंधित पक्षों के बीच संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान का लगातार समर्थन करता रहा है.
अंतरराष्ट्रीय स्थिति बेहद नाजुक
डॉ. जयशंकर ने यह भी जिक्र किया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे कई संघर्ष वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे ईंधन, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इन संकटों का सबसे अधिक असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है.
भारत ने इस बातचीत के जरिए एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है तथा यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए निकालने का पक्षधर है.
यूक्रेन के विदेश मंत्री से की बात
डॉ. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि अपनी-अपनी यात्राओं के बाद यूक्रेन के विदेश मंत्री से दोबारा जुड़कर खुशी हुई. हमने ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों के बारे में बातचीत की. किसी भी पक्ष की ओर से ऐसे हमले बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं और भारत इनकी कड़ी निंदा करता है.
ईंधन, खाद और खाद्य सुरक्षा पर असर
उन्होंने कहा कि मुझे यूक्रेन संघर्ष और शांति वार्ता से जुड़ी हालिया घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई. भारत ने हमेशा संबंधित पक्षों के बीच बातचीत और कूटनीति का समर्थन किया है. मैंने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की नाजुक स्थिति पर जोर दिया, क्योंकि अलग-अलग इलाकों में कई संघर्ष चल रहे हैं. इनका असर ईंधन, खाद और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों पर. हमने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई.
भारत से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील
वहीं, सिबिहा ने रूस के साथ संघर्ष खत्म करने में भारत से सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया. सिबिहा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनकी जयशंकर के साथ अच्छी बातचीत हुई और उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष को राष्ट्रपति जेलेंस्की की अमेरिका की हालिया यात्रा के बारे में जानकारी दी. सिबिहा ने कहा कि उन्होंने जयशंकर को यूक्रेन की सीमाओं से परे रूसी आक्रामकता के प्रभावों के बारे में भी बताया.



