भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया संसद का सत्र

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित, विपक्ष ने गृहमंत्री के खिलाफ की नारेबाजी, कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को कई अहम बिल पास होने थे। पर विपक्ष ने गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग के साथ खूब हंगामा किया। जिसकेकारण लोकसभा की कार्यवाही 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
हालांकि इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही 11 बजे केबाद दोपहर 12 बजे फिर शुरू हुई। इसके साथ ही विपक्ष की ओर से हंगामा जारी है। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की अगली बैठक अब 3 अगस्त 26 को सुबह 11 बजे होगी। राज्यसभा के सभापति ने सदन की कार्यवाही को अगले निर्धारित समय तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अयोध्या में हुई घटनाओं को देखिए। जो श्रद्धालु चढ़ावा चढ़ाने गए, उन्हें रसीद नहीं दी गई। दान पेटी तक पहुंचने से पहले ही पैसे ले लिए गए। गिनती वाली जगह पर सीसीटीवी कैमरों में कुछ ही दिनों के अंदर गड़बड़ी के 70 वीडियो रिकॉर्ड हुए। लेकिन बाद में पुरानी सभी फुटेज हटा दी गईं। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि हमारा प्रदर्शन केवल एक प्रतीक था। इसके जरिये हमने अयोध्या में दिनदहाड़े लूट की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लूट साल 2020 में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनने के समय से ही चल रही है। सपा सांसद ने आरोप लगाया कि यह सारा पैसा भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों की जेब और बैंक खातों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से भी मांग की है कि उन्हें इस मामले पर अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।

विपक्ष का चंदा चोरी ड्रामे का मंचन, पप्पू बने पुजारी, राहुल गांधी ने ने पैसे दिए

विपक्ष ने संसद परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी के खिलाफ एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर दान पेटी से पैसे अपनी जेब में डालकर कथित चोरी का नाटकीय चित्रण किया। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए, जिसका उद्देश्य अयोध्या राम मंदिर के दान में कथित अनियमितताओं पर ध्यान आकर्षित करना था। यह प्रदर्शन ‘चोर-चोर’ के नारों और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ समाप्त हुआ। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पुजारी का वेश धारण करके संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के सामने ‘दान पेटी’ के साथ बैठे थे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई नेता उस ‘दान पेटी’ में पैसे डालने के लिए गए तो पप्पू यादव ने पैसे अपनी जेब में डाल लिए और यह दर्शाने का प्रयास किया कि इसी तरह से राम मंदिर के चढ़ावे को चुराया गया था। इसके बाद कई विपक्षी सदस्यों ने ‘चोर-चोर’ और ‘चढ़ावा चोर’ कहते हुए पप्पू यादव को घेर लिया। फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि आज यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कहा जा सकता है कि इस लड़ाई की शुरुआत अखिलेश यादव ने की थी, और इसे आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है, जो हमें अयोध्या की जनता ने सौंपी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन भूमि है। यदि अयोध्या का अपमान हुआ है, तो हम इस मुद्दे को पूरी दृढ़ता के साथ उठाएंगे। हम इसे संसद में भी उठाएंगे और इस पर चर्चा की मांग भी करेंगे। विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ भी संसद परिसर में नारेबाजी की और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।

राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस को लेकर कीर्ति आजाद ने किया पलटवार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से लाए गए विशेषाधिकार नोटिस पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, वे राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लेकर आए हैं। लेकिन असल में यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ होना चाहिए। उन्होंने कहा, स्थिति यह है कि जिस विधेयक को प्रधानमंत्री को पेश करना चाहिए था, उसे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया। वहीं, जो काम अमित शाह को करना था, वह नित्यानंद राय ने किया। कीर्ति आजाद ने कहा कि मुद्दा यह है कि वे अपनी मर्जी के हिसाब से संसद चलाते हैं। वे अपनी पसंद के आधार पर ही तय करते हैं कि किस मुद्दे पर बहस होगी।

पीएम मोदी-शाह अब अतीत, जेन जेड भारत का भविष्य: राहुल गांधी

नेता प्रतिपक्ष का केंद्र सरकार पर निशाना
बोले कांग्रेस सांसद- जेन-जेड को डरा-धमकाकर चुप नहीं करा सकते

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने एकबार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जेनजी को डराने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, पीएम मोदी और अमित शाह, आप जेनजी को डरा-धमकाकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप एफआईआर दर्ज कर रहे हैं और उनके अकाउंट्स बंद करवा रहे हैं। आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा बर्ताव करते हैं, इसे लेकर सावधान रहें। उल्लेखनीय है कि नीट-पेपर लीक में हुई गड़बडिय़ों के विरोध में हाल ही में देश भर के युवाओं (जेन जेड) ने सडक़ों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था।
20 जुलाई को जब जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्र जब जंतर-मंतर की ओर कूच किए तो पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा।राहुल गांधी छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुई इसी कार्रवाई पर लगातार सरकार को घेर रहे हैं और केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं।
राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली एक स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय समिति बनाने की मांग की।
ाहुल गांधी ने कहा, छात्र न्याय के हकदार हैं। हमारे छात्रों के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय समिति बनाई जानी चाहिए।

घायल पुलिस कर्मियों के सवाल पर भडक़े राहुल

शुक्रवार को संसद के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पत्रकारों पर भडक़ गए। पत्रकार उनसे जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों के परिवारों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में सवाल पूछ रहे थे। जब पत्रकारों ने गांधी से संपर्क किया और उनसे प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिप्पणी करने को कहा, तो कांग्रेस नेता ने पलटकर पूछा कि क्या आप भाजपा से हैं? कांग्रेस नेता से यह सवाल तब पूछा गया जब छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों के परिवारों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों को लगातार हिंसा का सामना करना पड़ा। परिवार वालों ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन में पुलिस के कई जवान घायल हुए, लेकिन उनकी इस मुश्किल स्थिति पर लोगों का ज़्यादा ध्यान नहीं गया। नई दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, परिवार के सदस्यों ने कुछ वीडियो दिखाए जिनमें कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को पुलिसकर्मियों पर हमला करते हुए देखा जा सकता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन में घुसपैठ की थी।

भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही, नौ लोगों की दर्दनाक मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र के भिवंडी में एक चार मंजिला बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे हादसा हो गया। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है और मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
एनडीआरएफ की टीमों ने बिल्डिंग के मलबे से एक महिला को सुरक्षित जिंदा बचाया. उसे इलाज के लिए पास के हॉस्पिटल में ले जाया गया है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. बिल्डिंग में रिपेयरिंग का काम चल रहा था. कम से कम तीन से चार मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक, 3० जुलाई की देर रात बिल्डिंग थोड़ी झुक गई, जिसके बाद कई दूसरे मजदूर बिल्डिंग से बाहर भाग गए. बिल्डिंग में रिपेयरिंग का काम चल रहा था, इसलिए घटना के वक्त इमारत के अंदर कोई नहीं था।

उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली में साल 2०2० के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े यूएपीए मामले में आरोपी उमर खालिद की नियमित और अंतरिम जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय की है, जब सह-आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका के साथ उमर खालिद की याचिका पर भी सुनवाई होगी।
उमर खालिद ने निचली अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी जमानत याचिका निचली अदालत से तीन बार खारिज हो चुकी है. इससे पहले 4 जुलाई 26 को निचली अदालत ने उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों की जमानत याचिकाएं यह कहते हुए खारिज कर दी थीं कि ्रक्क्र मामलों में लंबे समय तक मुकदमा लंबित रहने के आधार पर जमानत दिए जाने के कानूनी सवाल पर सुप्रीम कोर्ट बड़ी पीठ के समक्ष विचार कर रहा है, इसलिए अंतिम निर्णय आने तक केवल इसी आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती।
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीजऩ बेंच ने यह नोटिस जारी की है। ्र

केरल सरकार जनता को गुमराह कर रही: शिवनकुट्टी

पीएम-श्री योजना पर वाम दलों ने कांग्रेस सरकार को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोच्चि। केरल में माकपा और भाकपा ने राज्य सरकार पर प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना के क्रियान्वयन को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। वाम दलों ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में दिए गए उत्तर का हवाला देते हुए दावा किया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में यह योजना लागू ही नहीं हुई है।
माकपा नेता वी शिवनकुट्टी और भाकपा के बिनॉय विश्वम ने कहा कि सरकार वैधानिक फंड को योजना की सहायता बताकर भ्रम फैला रही है।केरल में विपक्षी दल माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना के क्रियान्वयन को लेकर जनता को ‘गुमराह’ करने का आरोप लगाया।
दोनों दलों ने अपने आरोप के समर्थन में राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय सहायता जारी किए जाने संबंधी हालिया जवाब का हवाला दिया। माकपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने दावा किया कि संसद में केंद्र सरकार द्वारा पेश दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और सामान्य शिक्षा मंत्री एन समसुद्दीन के दावों के विपरीत केरल के सरकारी स्कूलों में पीएम-श्री योजना अब तक लागू नहीं हुई है।
शिवनकुट्टी ने कांग्रेस सांसद जेबी मेथर के सवाल पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा राज्यसभा में दिए गए उत्तर का हवाला देते हुए कहा कि अब तक केरल के किसी भी सरकारी स्कूल का चयन पीएम-श्री योजना के तहत नहीं किया गया है। शिवनकुट्टी ने एक बयान में आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत स्कूलों के चयन की प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि केरल के केवल 47 केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से संबद्ध संस्थान ही इस सूची में शामिल हैं। शिवनकुट्टी ने दावा किया कि वर्ष 25-26 के लिए केरल को जारी 99.27 करोड़ रुपये पीएम-श्री योजना के तहत नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा कार्यक्रम के ‘शिक्षा का अधिकार’ (आरटीई) घटक के अंतर्गत राज्य की वैधानिक हिस्सेदारी के रूप में दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने भी पीएम-श्री योजना के लिए केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, फिर भी उसे आरटीई से संबंधित धनराशि प्राप्त हुई है। शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि सरकार वैधानिक शिक्षा मद के तहत मिलने वाली राशि को पीएम-श्री योजना की सहायता बताकर जनता को गुमराह कर रही है और राज्य की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था से समझौता कर रही है।

केंद्र सरकार के जवाब ने खोली पोल : सचिव बिनॉय

भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के जवाब ने राज्य सरकार के उस दावे की पोल खोल दी है कि केरल को पीएम-श्री समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद धनराशि मिली है। पीएम-श्री योजना का मुद्दा पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में विवाद का कारण बना था, जब केरल ने केंद्र के साथ इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में गठबंधन सहयोगी भाकपा की आपत्तियों के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन को स्थगित कर दिया था। भाकपा का तर्क था कि इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2०2० को लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

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