छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस का बड़ा हमला, अमित शाह से मांगा इस्तीफा
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में रैली निकाली... और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अहमदाबाद में कांग्रेस ने छात्रों की गूंज नाम से एक बड़ी रैली निकाली.. यह रैली नेहरू ब्रिज से शुरू होकर सरदार बाग तक पहुंची.. जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल हुए.. हाथों में बैनर और पोस्टर थे.. कार्यकर्ता छात्रों के समर्थन में नारे लगा रहे थे.. सरदार बाग पहुंचने के बाद धरना भी दिया गया.. रैली को संबोधित करते हुए अमित चावड़ा ने कहा कि देश का भविष्य छात्र हैं.. यदि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हों.. और उन पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया जाए.. तो यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है.. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों से बातचीत करनी चाहिए थी.. लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग किया गया..
दरअसल यह पूरा मामला नीट परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है.. बता दें कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक.. और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों में नाराजगी देखने को मिली.. हजारों छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे.. उनका कहना था कि लाखों विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं.. लेकिन अगर पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं.. तो उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं.. इसी मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे.. विपक्ष का आरोप है कि 20 जुलाई को जब छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे.. तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.. कई छात्रों के घायल होने के दावे भी किए गए.. हालांकि सरकार और दिल्ली पुलिस का कहना है कि.. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी और नियमों का पालन किया गया..
अमित चावड़ा ने इसी मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.. और उन्होंने कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर बल प्रयोग होता है.. तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.. और उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है.. इसलिए गृह मंत्री अमित शाह को इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए.. अपने भाषण में अमित चावड़ा ने कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए थी.. उन्होंने कहा कि युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.. वे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपने अधिकारों.. और अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरे थे.. ऐसे में सरकार का कर्तव्य था कि.. वह उनसे संवाद करती और उनकी समस्याओं का समाधान निकालती..
कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता हर छात्र का अधिकार है.. अगर परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं.. तो सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.. पार्टी का आरोप है कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छी नहीं है.. इस पूरे मामले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए हैं.. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने की मांग की है.. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि अगर पुलिस कार्रवाई गृह मंत्रालय के अधीन एजेंसियों द्वारा की गई है.. तो उसकी नैतिक जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए..



