सऊदी अरब का बड़ा कीर्तिमान, दुनिया के सबसे पसंदीदा शहरों की लिस्ट में शामिल हुए मक्का और मदीना

सऊदी अरब के लिए गर्व की बात है कि पवित्र शहर मक्का और मदीना दुनिया के सबसे पसंदीदा शहरों की सूची में शामिल हुए हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सऊदी अरब ने साल 2025 में तीर्थयात्रा और पर्यटन के क्षेत्र में एक नया.. और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है.. मक्का और मदीना दुनिया के सबसे पसंदीदा शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं.. यह उपलब्धि न केवल सऊदी अरब के लिए गर्व की बात है.. बल्कि पूरी इस्लामी दुनिया के लिए भी खुशी का विषय है.. डोयोफ अल-रहमान सेवा कार्यक्रम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार.. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के मामले में मक्का दुनिया में पांचवें स्थान पर रहा.. जबकि मदीना सातवें स्थान पर पहुंच गया.. यह उपलब्धि सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों से भी आगे निकल गई है.. इससे साफ पता चलता है कि देश ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं.. और सेवाओं को बेहतर बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है..

साल 2025 सऊदी अरब के लिए तीर्थयात्रा के लिहाज़ से बेहद शानदार रहा.. इस साल देश ने विदेश से आने वाले 19.5 मिलियन से अधिक तीर्थयात्रियों का स्वागत किया.. इनमें 18.03 मिलियन उमराह यात्री और लगभग 1.5 मिलियन हज यात्री शामिल थे.. यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक रही। खास बात यह रही कि साल 2022 की तुलना में उमराह यात्रियों की संख्या में 114 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों का स्वागत करना आसान नहीं था.. लेकिन सऊदी सरकार और संबंधित विभागों ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया..

सऊदी विजन 2030 के तहत तीर्थयात्रा सेवाओं को आधुनिक और यात्री-केंद्रित बनाने का लक्ष्य रखा गया था.. साल 2025 में यह लक्ष्य न केवल पूरा हुआ.. बल्कि उससे भी आगे निकल गया.. हज यात्रियों की संतुष्टि दर 91 प्रतिशत तक पहुंची.. जबकि उमराह यात्रियों की संतुष्टि दर 94 प्रतिशत रही.. ये आंकड़े बताते हैं कि यात्रियों को दी गई सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और आवास की गुणवत्ता पहले से कहीं बेहतर रही.. अधिकांश यात्री अपनी यात्रा से संतुष्ट होकर लौटे और उन्होंने इन सेवाओं की सराहना की..

मक्का और मदीना में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया.. दोनों शहरों में कुल 87 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास और संरक्षण किया गया.. इन स्थानों पर 55 मिलियन से अधिक लोग पहुंचे.. यह संख्या बताती है कि तीर्थयात्रा के साथ-साथ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है.. लोग केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं करते, बल्कि इस्लामी इतिहास.. और विरासत को भी करीब से समझना चाहते हैं.. सऊदी सरकार ने इन स्थलों को बेहतर बनाने, साफ़-सफाई बनाए रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया..

पैगंबर मुहम्मद की मस्जिद में स्थित रौदा अल-शरीफ एक अत्यंत पवित्र स्थान है.. साल 2025 में यहां 16 मिलियन से अधिक लोग पहुंचे.. उनकी संतुष्टि दर 88 प्रतिशत रही.. इतनी बड़ी संख्या में लोगों का स्वागत करना और व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं था.. लेकिन स्वयंसेवकों और अधिकारियों के सहयोग से यह कार्य सुचारु रूप से पूरा किया गया.. रौदा अल-शरीफ में प्रवेश व्यवस्था को बेहतर बनाया गया.. प्रतीक्षा समय कम किया गया.. और यात्रियों के लिए मार्गदर्शन की सुविधाएं बढ़ाई गईं.. इससे यात्रियों को पहले से बेहतर अनुभव मिला..

वहीं इन सभी सेवाओं को सफल बनाने में 1 लाख 84 हजार से अधिक पुरुष और महिला स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.. ये स्वयंसेवक विभिन्न देशों से आए थे.. और उन्होंने यात्रियों की हर संभव मदद की.. और उन्होंने रास्ता दिखाया, भाषा संबंधी सहायता दी.. बुज़ुर्गों और बीमार यात्रियों की देखभाल की तथा सुरक्षा व्यवस्था में भी सहयोग किया.. स्वयंसेवकों की यह बड़ी संख्या सऊदी अरब की मेहमाननवाजी की परंपरा को और मजबूत करती है.. कई स्वयंसेवकों ने कहा कि वे इसे अपना धार्मिक कर्तव्य मानते हैं.. और यात्रियों की सेवा करके उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है..

वीजा जारी करने की प्रक्रिया भी साल 2025 में काफी आसान और सुचारु रही.. पूरे वर्ष में कुल 15.03 मिलियन वीजा जारी किए गए.. इनमें उमराह वीज़ा का हिस्सा 83 प्रतिशत रहा.. वीजा आवेदनों में पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मिस्र सबसे आगे रहे.. वहीं इन देशों से बड़ी संख्या में लोग उमराह और हज के लिए सऊदी अरब पहुंचे.. वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा बढ़ाने.. और प्रतीक्षा समय कम करने के लिए कई सुधार किए गए.. इससे यात्रियों को पहले की तुलना में बेहतर अनुभव मिला और वे आसानी से सऊदी अरब पहुंच सके..

राजा सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद द्वारा साल 2019 में शुरू किए गए डोयोफ अल-रहमान सेवा कार्यक्रम ने साल 2025 में 87 नई पहलें लागू की.. इन पहलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, डिजिटल सेवाओं का अधिक उपयोग, परिवहन व्यवस्था में सुधार, आवास की गुणवत्ता बढ़ाना.. और यात्रियों के लिए विशेष मोबाइल ऐप विकसित करना शामिल था.. कई नई सुविधाएं पहली बार शुरू की गईं.. और उनका सकारात्मक असर तुरंत दिखाई दिया.. वहीं अब यात्री अपने मोबाइल फोन के माध्यम से कई सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकते हैं.. इससे पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज़ और सुविधाजनक बन गई..

मक्का और मदीना का दुनिया के सबसे पसंदीदा शहरों में शामिल होना सऊदी अरब की लगातार मेहनत का परिणाम है.. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सूची में मक्का का पांचवां.. और मदीना का सातवां स्थान इस बात का प्रमाण है कि लोग इन शहरों को केवल धार्मिक कारणों से ही नहीं.. बल्कि यहां मिलने वाली बेहतर सुविधाओं और उत्कृष्ट सेवाओं के कारण भी पसंद कर रहे हैं.. दुनिया के कई बड़े शहरों को पीछे छोड़कर इन दोनों पवित्र शहरों का इस सूची में स्थान बनाना सऊदी अरब के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है..

सऊदी सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी.. स्वास्थ्य जांच, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, भीड़ प्रबंधन.. और यातायात नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया.. गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए.. जगह-जगह ठंडे पानी की व्यवस्था, छायादार स्थान और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई.. इन प्रयासों से दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई तथा यात्रियों को सुरक्षित.. और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिला..

 

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