तीसरे दिन भी यूपी विस सत्र हंगामे की भेट चढ़ा

विपक्ष ने सरकार को घेरा, विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विधानमंडल के मानसून सत्र में बुधवार को भी हंगामा और नारेबाजी जारी रही। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया था। इस दौरान विधानसभा में लगातार हंगामा होता रहा। बुधवार को भी सदन में हंगामा जारी रहा इसके कारण दो बार कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। यूपी विधानमंडल में हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष का लोकतंत्र और विकास विरोधी चेहरा सामने आया है। इन लोगों का आचरण शर्मनाक है। ये विकास विरोधी हैं। यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट पर हंगामे के चलते चर्चा नहीं हो सकी। सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। इसके बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई पर लगातार हंगामा होता रहा और हंगामे के बीच ही कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। वहीं, हंगामा न रुकते देख विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
यूपी विधानसभा में लगातार हंगामा होता रहा। इस बीच कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना चर्चा के ही पास हो गए। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की मांग की जिस पर सभापति ने सहमति दे दी।

सपा के हंगामे के बीच विस में रखी गई संभल हिंसा की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश विधानसभा की 1 बजे कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने एक बार फिर सदन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। सपा विधायक वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने संभल हिंसा मामले की जांच रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी इसी दौरान सरकार ने वर्ष 16 के मदरसा शिक्षकों के वेतन भुगतान संबंधी विधेयक को वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की।

शून्य काल में चर्चा के दौरान जमकर हंगामा

यूपी विधानसभा में कार्यवाही के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। पेपर लीक के मुद्दे पर शून्य काल में चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वहीं, सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने विधान परिषद से बहिर्गमन कर दिया।

गृहमंत्री के बयान पर अड़े नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिशों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से करीब 5० मिनट तक मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संसद की कार्यवाही सामान्य करने और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के लिए कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू से साफ कहा कि विपक्ष चाहता है कि दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर अपना बयान दें। विपक्ष का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार को संसद के भीतर जवाब देना चाहिए। बैठक के दौरान सरकार की ओर से परिसीमन और एफआरसीए बिल पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से इन दोनों विधेयकों पर सहयोग और समर्थन देने का आग्रह किया। सरकार चाहती है कि इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर विपक्ष के साथ बातचीत के जरिए सहमति बनाई जाए. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इन मुद्दों पर राहुल गांधी की ओर से अभी अंतिम प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि गुरुवार तक इस संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

परिसीमन विधेयक को लेकर बातचीत

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक को लेकर केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक दलों के साथ भी लगातार बातचीत कर रही है. सरकार का प्रयास है कि इस विधेयक पर व्यापक सहमति बन सके और संसद में इसे आगे बढ़ाने में किसी तरह की बाधा न आए। फिलहाल संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का दौर जारी है. आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के रुख के आधार पर यह तय होगा कि संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से चल पाएगी या नहीं।

संसद से सडक़ तक विपक्ष का हल्ला बोल

कांग्रेस समेत सभी दलों ने शाह के खिलाफ निकाला विरोध मार्च
मल्लिकार्जुन खरगे ने पूछा- सदन में क्यों नहीं गृहमंत्री

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। बुधवार को विपक्ष के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह से बयान, राम मंदिर चंदे में कथित गड़बडिय़ों पर चर्चा और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में सांसदों ने प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और प्लेकार्ड भी उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और संसद से शाह की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए मांग की कि वे विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर बात करें। खडग़े ने पत्रकारों से कहा कि वे सदन में क्यों नहीं आ रहे हैं? वे संसद का अपमान कर रहे हैं। कई दिन हो गए हैं, लेकिन वे सदन में नहीं आना चाहते। आकर बयान देने में क्या दिक्कत है? विरोध कर रहे सांसदों ने मांग की कि शाह संसद के दोनों सदनों में पिछले महीने पेपर लीक मामले से जुड़े प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती पर बयान दें।

राम मंदिर से लेकर धारा 37०तक पर भाजपा को घेरा

विपक्ष के कई सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए दान के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए। जम्मू-कश्मीर के सांसदों ने केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की, यह विरोध प्रदर्शन अनुच्छेद 37० को हटाए जाने की सातवीं बरसी के मौके पर हुआ। सांसदों ने अमित शाह जवाब दो जैसे नारे लगाए और सरकार की आलोचना करते हुए पोस्टर दिखाए। मंदिर के दान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ़ सांकेतिक विरोध के तौर पर उन्होंने मकर द्वार की सीढिय़ों के पास दान-पात्र भी रखे, और कुछ सांसदों ने उनमें नकद पैसे भी डाले।

राहुल गांधी प्रियंका व डिंपल भी उतरे

इस विरोध प्रदर्शन में विपक्ष के कई नेता शामिल हुए, जिनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव, टीएमसी नेता सागरिका घोष और महुआ मोइत्रा, एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले, जेएमएम की महुआ माजी और आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन शामिल थे।

3 दिन में जुकरबर्ग माफी मांगे

पीएम मोदी के वीडियो बैन पर संसदीय समिति की चेतावनी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंफॉर्मेशन टैक्नोलॉजी मिनिस्ट्री की संसदीय समिति ने मेटा के सीईओ को एक पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने मार्क जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी मांगने के लिए कहा है। ये पत्र 3 अगस्त की संसदीय स्थायी समिति की बैठक के संदर्भ में लिखा गया।
मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम वीडियो संदेश को फेसबुक से हटाने से जुड़ा है। लेटर में लिखा है कि अगर जुकरबर्ग माफी नहीं मांगेगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर मार्क जुकरबर्ग माफी नहीं मांगेगे तो आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत मेटा का सेफ हार्बर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। कंपनी को मिली कानूनी सुरक्षा समाप्त करने पर भी विचार होगा। मार्क जुकरबर्ग के खिलाफ ‘प्रकाशक ’ के रूप में कार्रवाई की बात भी दोहराई गई।

रांची: छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने तोड़ा अनशन

पहले सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर की बातचीत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बडिय़ों के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन तोड़ दिया है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर लाइव बातचीत के बाद अपना अनशन तोड़ा।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, हम 25 जुलाई से सत्याग्रह कर रहे हैं। मैंने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। मैं बहुत ज्यादा थक चुका था और स्थिति गंभीर हो गई थी। यहां 26 साल से पेपर लीक हो रहे हैं। कल डॉक्टर ने चेतावनी दी कि अगर मैंने पानी नहीं पिया तो मुझे अस्पताल में भर्ती करना पड़ेगा। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा, कृपया थोड़ा पानी पी लीजिए। यह आत्महत्या जैसा कदम है। आपको कुछ समय चाहिए, लेकिन यह 2-3 हफ्ते भी हो सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार इसे समझेगी और सही फैसला लेगी।

दर्दनाक हादसा: तीन कांवडिय़ों की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सडक़ हादसे में तीन कांवडिय़ों की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव कलछीना के पास बुधवार सुबह करीब पांच बजे हुई, जब एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार तीनों शिव भक्त गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, तीनों कांवडिय़े हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले थे और हरिद्वार की ओर कांवड़ यात्रा पर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी, जिससे बाइक सवार तीनों युवक सडक़ पर गिर गए और गंभीर चोटें आईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों की पहचान ज्ञानप्रकाश, राजकुमार और प्रदीप के रूप में की है। तीनों युवक एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस वाहन की पहचान और चालक की तलाश में जुटी हुई है।

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