दिल्ली पर ढाका का गुस्सा, शेख हसीना बोलीं-मरने या जेल जाने से नहीं डरती

शेख हसीना ने भारत की तारीफ करते हुए कहा, "भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है." हालांकि रहमान सरकार ने मंच देने के लिए भारत की आलोचना की और कहा कि इससे रिश्ते पर असर पड़ेगा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: शेख हसीना ने भारत की तारीफ करते हुए कहा, “भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है.” हालांकि रहमान सरकार ने मंच देने के लिए भारत की आलोचना की और कहा कि इससे रिश्ते पर असर पड़ेगा.

ठीक 2 साल पहले सत्ता छोड़कर भारत आने को मजबूर हुईं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कल बुधवार को पहली बार खुले तौर पर अपनी वापसी का ऐलान कर दिया.

नई दिल्ली में विदेशी पत्रकारों के क्लब में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वह बांग्लादेश जरूर लौटेंगी और उन्हें न तो जेल जाने का डर है और न ही मौत का. हालांकि उनके बयान से बांग्लादेश में सियासी पारा हाई हो गया है तो ढाका ने मंच देने के लिए भारत की आलोचना की है.

अपने संबोधन के दौरान शेख हसीना कई बार भावुक भी हो गईं. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई कठिन दौर देखे हैं और अब भी अपने समर्थकों के साथ खड़ी हैं. उन्होंने मौजूदा बांग्लादेशी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और कहा कि देश को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है.

भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहाः हसीना

डिजिटल PC में संवाददाताओं को सिर्फ उनकी आवाज ही सुनाई दे रही थी. वह नजर नहीं आ रही थीं. इस दौरान हसीना ने कहा, “मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी जान ले सकते हैं. लेकिन मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी.”

अवामी लीग की शीर्ष नेता ने साथ ही भारत की सराहना करते हुए कहा कि वह हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा है. उन्होंने कहा, “भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है.”

भारत से नाराज ढाका, कहा- यह संप्रभुता का अपमान

हालांकि हसीना के इस कार्यक्रम के तुरंत बाद बांग्लादेश की सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. ढाका ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारत की धरती से शेख हसीना को मीडिया से बातचीत की अनुमति देना बांग्लादेश की संप्रभुता का अपमान है. बयान में कहा गया कि जिस दिन देश जुलाई क्रांति की दूसरी वर्षगांठ मना रहा था, उसी दिन हसीना का यह सार्वजनिक कार्यक्रम शहीदों का भी अपमान है.

बांग्लादेश सरकार ने शेख हसीना पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें दोषी, जनसंहार की जिम्मेदार और फरार अपराधी बताया. बयान में यह भी कहा गया कि भारत से 2013 की प्रत्यर्पण संधि के तहत हसीना को वापस भेजने का कई बार अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है. ढाका का कहना है कि भारत द्वारा उन्हें सार्वजनिक मंच देने से दोनों देशों के संबंधों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है.

भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में नई बहस

दूसरी ओर, शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग इन आरोपों को राजनीतिक बताते रहे हैं. उनका कहना है कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है और बांग्लादेश की जनता एक दिन फिर उन्हें स्वीकार करेगी.

शेख हसीना के इस ऐलान ने बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह वास्तव में बांग्लादेश लौट पाएंगी और अगर लौटती हैं तो वहां उनका सामना राजनीति से होगा, अदालत से होगा या फिर जेल से. इतना तय है कि उनके इस बयान ने भारत-बांग्लादेश के बीच संबंधों और बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति, दोनों में नई बहस छेड़ दी है.

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