मिर्जापुर से शुरू हुआ जनअभियान, ‘पूर्वांचल यात्रा’ 10 जिलों में लोगों से करेगी संवाद
रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान के तहत शुरू हुई इस यात्रा का उद्देश्य पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में जनसंवाद स्थापित करना और नौ सूत्रीय एजेंडे को जनता के बीच ले जाना बताया गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जवाबदेह सरकार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और भूमिहीन परिवारों के लिए आवासीय जमीन समेत विभिन्न सामाजिक एवं संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर मिर्जापुर से ‘पूर्वांचल यात्रा’ की शुरुआत की गई। रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान के तहत शुरू हुई इस यात्रा का उद्देश्य पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में जनसंवाद स्थापित करना और नौ सूत्रीय एजेंडे को जनता के बीच ले जाना बताया गया है।
यात्रा की शुरुआत मिर्जापुर के शहीद उद्यान से वरिष्ठ समाजवादी अरुण कुमार मिश्रा ने कराई। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक दलों से जुड़े लोग, अधिवक्ता, शिक्षक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा पूर्वांचल के 10 जिलों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, किसानों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर लोगों से संवाद किया जाएगा। अभियान के समापन चरण में 20 सितंबर को वाराणसी के शास्त्री घाट पर विशाल सम्मेलन आयोजित किए जाने की बात कही गई है।
शहीद उद्यान से शुरू हुई यात्रा
पूर्वांचल यात्रा शुरू होने से पहले मिर्जापुर के शहीद उद्यान में एक सभा आयोजित की गई। सभा में अभियान से जुड़े विभिन्न वक्ताओं ने रोजगार और सामाजिक अधिकारों के मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि देश की नई पीढ़ी लोकतांत्रिक मुद्दों को लेकर जागरूक हो रही है। उनके अनुसार, युवाओं की मांग है कि ऐसी जवाबदेह सरकार हो, जो परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और नागरिकों के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन तथा आवासीय भूमि जैसे अधिकारों की गारंटी दे। उन्होंने कहा कि सामाजिक अधिकारों की गारंटी के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा सकते हैं, बशर्ते सरकार बड़ी कॉरपोरेट संपत्तियों पर कर और काले धन की अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण जैसे उपाय करे। ये उनके द्वारा रखे गए राजनीतिक और नीतिगत विचार हैं।
रोजगार और सामाजिक अधिकारों को बनाया प्रमुख मुद्दा
अभियान के आयोजकों ने रोजगार और सामाजिक अधिकारों से जुड़े कई मुद्दों को यात्रा के केंद्र में रखा है। उनका कहना है कि युवाओं को रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध भर्ती का अधिकार मिलना चाहिए। यात्रा के दौरान पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित धांधली पर रोक लगाने की मांग भी उठाई जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने तथा बुजुर्गों के लिए पेंशन की व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कही गई है।
जस्टिस रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
सभा के दौरान रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान के प्रदेश संयोजक एवं राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूराम पाल और भारतीय मानव समाज पार्टी के अध्यक्ष रामधनी बिंद ने जस्टिस रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग उठाई। आयोजकों के नौ सूत्रीय एजेंडे में रिपोर्ट सार्वजनिक करने के साथ अति पिछड़े वर्गों के लिए अलग आरक्षण कोटा देने की मांग भी शामिल है। इस मुद्दे को लेकर यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर जनसंवाद किए जाने की बात कही गई है।
कॉरपोरेट संपत्ति पर टैक्स की मांग
पूर्वांचल यात्रा के एजेंडे में बड़े कॉरपोरेट और सुपर रिच वर्ग की संपत्ति पर कर लगाने तथा उससे प्राप्त संसाधनों को जनकल्याणकारी योजनाओं में खर्च करने की मांग भी शामिल है। आयोजकों का कहना है कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सरकारी निवेश बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए आर्थिक संसाधन जुटाने की नीतियों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
प्रदेश से पूंजी पलायन रोकने की मांग
अभियान के तहत उत्तर प्रदेश से कथित पूंजी पलायन को रोकने की मांग भी उठाई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि प्रदेश के बैंकों में जमा पूंजी का अधिक से अधिक हिस्सा प्रदेश के भीतर ही रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने में निवेश किया जाना चाहिए। इसके अलावा माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक समस्याओं का मुद्दा भी यात्रा के दौरान उठाया जाएगा। आयोजकों ने माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा महिलाओं पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को रोकने और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग की है।
युवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए सस्ते ऋण की मांग
अभियान में नौजवानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यम शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है। आयोजकों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने से युवाओं के लिए रोजगार पैदा हो सकते हैं और प्रदेश से होने वाले पलायन को कम किया जा सकता है।
प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण का मुद्दा भी एजेंडे में
पूर्वांचल यात्रा के नौ सूत्रीय एजेंडे में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और निजीकरण का विरोध तथा पर्यावरण संरक्षण की मांग भी शामिल की गई है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल जनहित और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। इसके साथ ही प्राकृतिक संसाधनों की कथित लूट को रोकने की मांग भी उठाई जाएगी।
जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और OBC जाति कॉलम की मांग
यात्रा के दौरान जनगणना से जुड़े मुद्दे को भी उठाया जाएगा। आयोजकों ने जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और OBC के लिए जाति कॉलम शामिल करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बेहतर आकलन करने के लिए जाति और सामाजिक समूहों से संबंधित आंकड़ों की आवश्यकता है। इसी आधार पर नीतियां बनाने की मांग अभियान में शामिल की गई है।
किसानों और असंगठित श्रमिकों के मुद्दे भी शामिल
पूर्वांचल यात्रा में किसानों के लिए MSP कानून की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। इसके अलावा बुनकरों, गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों, निर्माण श्रमिकों तथा अन्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई जाएगी। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार की अनिश्चितता के साथ सामाजिक सुरक्षा का अभाव भी झेलना पड़ता है। ऐसे में पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रभावी बनाने की जरूरत है।
अरुण कुमार मिश्रा ने की यात्रा को सहयोग देने की अपील
वरिष्ठ समाजवादी अरुण कुमार मिश्रा ने सभा की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पूर्वांचल यात्रा लोकतंत्र को मजबूत करने और जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का संदेश लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने लोगों से यात्रा को हर संभव सहयोग देने की अपील की। आयोजकों के मुताबिक, अलग-अलग जिलों में यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद किया जाएगा और उनकी समस्याओं को भी अभियान के मुद्दों से जोड़ा जाएगा।
20 सितंबर को वाराणसी में प्रस्तावित विशाल सम्मेलन
आयोजकों के अनुसार, मिर्जापुर से शुरू होने वाली पूर्वांचल यात्रा पूर्वांचल के 10 जिलों में जाएगी। यात्रा के दौरान जनसभाओं और जनसंवाद के माध्यम से नौ सूत्रीय एजेंडे को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। यात्रा के बाद 20 सितंबर को वाराणसी के शास्त्री घाट पर विशाल सम्मेलन आयोजित करने की योजना है। इस सम्मेलन में यात्रा के दौरान सामने आए मुद्दों और जनसमर्थन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
कार्यक्रम में कई सामाजिक और राजनीतिक लोग रहे मौजूद
शहीद उद्यान में आयोजित सभा को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दीपचंद जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा अशोक यादव, नगर अध्यक्ष कांग्रेस राजन पाठक, प्रदेश उपाध्यक्ष आप सुनील पांडे, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल संजय सिंह गहरवार, एडवोकेट आयुष सिंह, अध्यापक शरद मेहरोत्रा, प्रधानाचार्य डॉ. संतोष सिंह, राष्ट्रवादी मंच के संस्थापक मनोज श्रीवास्तव, वरिष्ठ समाजसेवी अशफाक भाई, प्रदेश सचिव अधिवक्ता सभा अंकित दुबे, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट अशोक सिंह, पूर्व सभासद लक्ष्मी नारायण कुशवाहा, पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन एडवोकेट सुरेश त्रिपाठी, दिनकर कपूर, रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेश सचान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तिलकधारी बिंद, योगीराज पटेल, डॉ. राम प्रकाश गौतम, रूबी सिंह गोंड, गुलशन गोंड और इंद्रदेव खरवार समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया। सभा का संचालन अरुण मिश्रा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शम्मी कुमार सिंह ने किया।
नौ सूत्रीय एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी यात्रा
मिर्जापुर से शुरू हुई इस पूर्वांचल यात्रा के जरिए आयोजकों ने रोजगार और सामाजिक अधिकारों को लेकर व्यापक जनसंवाद का अभियान शुरू किया है। यात्रा में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, आवासीय भूमि, परीक्षा में पारदर्शिता, सामाजिक सुरक्षा, किसानों और श्रमिकों के अधिकार समेत कई मुद्दे शामिल हैं। अब यात्रा पूर्वांचल के अन्य जिलों की ओर बढ़ेगी। इस दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं और सुझावों को भी अभियान का हिस्सा बनाए जाने की बात कही गई है।
वाराणसी सम्मेलन पर रहेगी नजर
फिलहाल मिर्जापुर से यात्रा की शुरुआत हो चुकी है और आयोजकों ने इसे पूर्वांचल के 10 जिलों तक ले जाने का कार्यक्रम तय किया है। 20 सितंबर को वाराणसी में प्रस्तावित सम्मेलन में अभियान के आगे की दिशा तय किए जाने की संभावना है। पूर्वांचल यात्रा के जरिए उठाए जा रहे मुद्दे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक असमानता से जुड़े हैं। अब देखना होगा कि अलग-अलग जिलों में इस अभियान को किस तरह का जनसमर्थन मिलता है और 20 सितंबर को वाराणसी में होने वाला प्रस्तावित सम्मेलन किस रूप में सामने आता है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर



