मृत गोवंशों के अवशेष मिलने का दावा, मिर्जापुर के गौ-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

मिर्जापुर जिले के विकासखंड पहाड़ी के सिंधोरा-डगमगपुर क्षेत्र स्थित बृहद गौ-आश्रय स्थल को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद गौ संरक्षण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर जिले के विकासखंड पहाड़ी के सिंधोरा-डगमगपुर क्षेत्र स्थित बृहद गौ-आश्रय स्थल को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद गौ संरक्षण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। वीडियो में पहाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में मृत गोवंशों के अवशेष दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गौ-आश्रय स्थल के आसपास मृत गोवंशों के अवशेष खुले में पड़े होने से इलाके में दुर्गंध फैल रही है और लोगों का वहां रहना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि लंबे समय से समस्या की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।

वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला

सिंधोरा-डगमगपुर स्थित बृहद गौ-आश्रय स्थल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो में पहाड़ी क्षेत्र में कई मृत गोवंशों के अवशेष दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में कुछ स्थानों पर कुत्ते और कौए भी दिखाई दे रहे हैं। वहीं, एक व्यक्ति द्वारा मृत गोवंशों की हड्डियों को एक स्थान से ले जाते हुए दिखाई देने की बात भी सामने आई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

खुले में अवशेष पड़े होने का ग्रामीणों का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौ-आश्रय स्थल के आसपास मृत गोवंशों के अवशेष खुले में फेंके जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस वजह से क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, गर्मी और मौसम की स्थिति के कारण दुर्गंध की समस्या और गंभीर हो जाती है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मृत गोवंशों के शवों और अवशेषों के निस्तारण की उचित व्यवस्था होती तो इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होती।

सांस लेना मुश्किल होने का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार, गौ-आश्रय स्थल के आसपास फैली दुर्गंध के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार तेज दुर्गंध के कारण आसपास से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि खुले में पड़े अवशेषों को जल्द हटाकर नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया तो समस्या और बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने और स्थिति को नियंत्रित करने की मांग की है।

गौ संरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल

वायरल वीडियो सामने आने के बाद गौ संरक्षण और गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सरकार की ओर से गोवंशों के संरक्षण और उनके लिए आश्रय की व्यवस्था पर जोर दिया जाता रहा है। ऐसे में यदि किसी गौ-आश्रय स्थल के आसपास मृत गोवंशों के अवशेष खुले में पड़े होने की पुष्टि होती है, तो यह संबंधित व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके की नियमित निगरानी और मृत गोवंशों के उचित निस्तारण की व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है।

जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर अधिकारियों की टीम भेजकर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि मृत गोवंशों की संख्या कितनी है, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शवों या अवशेषों का निस्तारण किस प्रक्रिया के तहत किया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मामले की जिम्मेदारी लेने से बचते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि गौ-आश्रय स्थल की नियमित निगरानी और वहां मौजूद गोवंशों की देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों को समय-समय पर गौ-आश्रय स्थल का निरीक्षण करना चाहिए और किसी भी मृत गोवंश के शव का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल निस्तारण कराया जाना चाहिए।

ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

मृत गोवंशों के अवशेष खुले में पड़े होने के कथित मामले को लेकर आसपास के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार गोवंश संरक्षण को लेकर योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी तरफ यदि गौ-आश्रय स्थल के आसपास ऐसी स्थिति बनी हुई है तो यह व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल अस्थायी सफाई कराने के बजाय पूरे मामले की जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए ठोस व्यवस्था की जाए।

जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति की आधिकारिक पुष्टि और उसके समय की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति मौके पर प्रशासनिक और संबंधित विभागीय टीम के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। जांच में यह भी सामने आ सकता है कि मृत गोवंशों की स्थिति क्या थी और उनके निस्तारण में निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं।

प्रशासन से तत्काल निरीक्षण की मांग

सिंधोरा-डगमगपुर स्थित बृहद गौ-आश्रय स्थल से जुड़े इस मामले ने गौ संरक्षण व्यवस्था की निगरानी और मृत गोवंशों के निस्तारण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने दुर्गंध और कथित अव्यवस्था से राहत दिलाने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखने वाली बात होगी कि वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद प्रशासन मौके का निरीक्षण कर क्या कार्रवाई करता है और गौ-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आ रही शिकायतों पर जिम्मेदार विभाग की ओर से क्या जवाब दिया जाता है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरि,मिर्जापुर

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