लहरपुर के तालाब में मिला मगरमच्छ, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन; वन विभाग ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
सीतापुर के लहरपुर तहसील क्षेत्र में तालाब के अंदर मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तालाब में मगरमच्छ होने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में इसकी चर्चा फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के किनारे पहुंच गए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर के लहरपुर तहसील क्षेत्र में तालाब के अंदर मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तालाब में मगरमच्छ होने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में इसकी चर्चा फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के किनारे पहुंच गए।
लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।मगरमच्छ के तालाब में होने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया। लोगों को आशंका थी कि अगर मगरमच्छ तालाब से बाहर निकलकर आबादी की ओर आ गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसी वजह से ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, लहरपुर तहसील क्षेत्र में स्थित एक तालाब में ग्रामीणों को मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को तालाब में देखकर ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
कुछ ही देर में मगरमच्छ को देखने के लिए तालाब के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। लोगों ने दूर से तालाब में मगरमच्छ की गतिविधियों पर नजर रखी और इसकी सूचना स्थानीय स्तर पर वन विभाग को दी।
ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के आसपास लोगों और पशुओं का आना-जाना रहता है। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
ग्रामीणों की सूचना के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने की कवायद शुरू की गई। मगरमच्छ को बाहर निकालने के लिए तालाब का पानी कम करने का निर्णय लिया गया।
इसके लिए पंपिंग सेट लगाकर तालाब का पानी बाहर निकाला गया। पानी का स्तर कम होने के बाद मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ाया गया।
ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों ने लगातार निगरानी बनाए रखी, ताकि मगरमच्छ तालाब से निकलकर आसपास के क्षेत्र में न पहुंच सके।
घंटों की मशक्कत के बाद पकड़ा गया मगरमच्छ
तालाब का पानी कम किए जाने के बाद मगरमच्छ को पकड़ने के लिए काफी देर तक प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने की खबर मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के आसपास मौजूद रहे। मगरमच्छ को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई और वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी दी गई।
वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को कब्जे में लिया
मगरमच्छ पकड़े जाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। वन विभाग की निगरानी में मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की कार्रवाई की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
मगरमच्छ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों में राहत
तालाब से मगरमच्छ के बाहर निकलने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल खत्म हुआ। लोगों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि अगर समय रहते मगरमच्छ को नहीं पकड़ा जाता तो वह आसपास के खेतों या आबादी की ओर जा सकता था। ग्रामीणों ने वन विभाग और रेस्क्यू में जुटे लोगों का आभार जताया।
तालाब के आसपास सतर्कता की जरूरत
मगरमच्छ मिलने की घटना के बाद ग्रामीणों ने तालाब के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के पास अक्सर लोग और मवेशी पहुंचते हैं, इसलिए इस तरह के जंगली जीव दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देना जरूरी है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मगरमच्छ जैसे जलीय जीवों के मामले में लोगों को खुद उन्हें पकड़ने या उनके करीब जाने से बचना चाहिए और प्रशिक्षित वन विभाग की टीम को सूचना देनी चाहिए।
समय रहते रेस्क्यू से टला खतरा
लहरपुर तहसील क्षेत्र में तालाब में मगरमच्छ मिलने की घटना से कुछ समय के लिए ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और सूचना के बाद शुरू किए गए रेस्क्यू अभियान से मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल तालाब और आसपास के क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



