CR पाटिल के बयान पर गोपाल इटालिया का पलटवार, कहा- लिस्ट जारी करें
CR पाटिल के सरकारी स्कूलों को लेकर दिए गए बयान पर AAP विधायक गोपाल इटालिया ने पलटवार किया... इटालिया ने चुनौती देते हुए कहा कि...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में एक बार फिर शिक्षा का मुद्दा गरमा गया है.. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सी.आर. पाटिल ने हाल ही में सूरत के एक कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों की तारीफ करते हुए दावा किया कि.. शहर के कई सरकारी स्कूल देश के सबसे अच्छे स्कूलों में शामिल हैं.. उन्होंने कहा कि सूरत नगर निगम के स्कूलों में निजी स्कूलों से भी बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं.. और यहां पढ़ने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा रही है.. लेकिन सी.आर. पाटिल के इस बयान पर आम आदमी पार्टी के विधायक.. और वरिष्ठ नेता गोपाल इटालिया ने तीखा जवाब दिया है..
गोपाल इटालिया ने कहा कि अगर सूरत में सचमुच 50 ऐसे सरकारी स्कूल हैं.. जिन्हें देश के सबसे अच्छे स्कूलों में माना जाता है.. तो सी.आर. पाटिल को उन सभी स्कूलों की पूरी सूची सार्वजनिक करनी चाहिए.. और उन्होंने कहा कि सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलेगा.. जनता को सच्चाई पता होनी चाहिए.. गोपाल इटालिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सी.आर. पाटिल बार-बार सूरत के सरकारी स्कूलों की तारीफ करते हैं.. और उन्हें देश के बेहतरीन स्कूल बताते हैं.. अगर ऐसा है तो 50 स्कूलों की सूची सार्वजनिक कीजिए.. स्कूलों के नाम, पते और वहां मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दीजिए.. जनता खुद जाकर इन स्कूलों की स्थिति देखेगी..
उन्होंने कहा कि अगर सूची जारी नहीं की जाती है.. तो विपक्ष इसे सिर्फ चुनावी बयान बताएगा.. गोपाल इटालिया ने गुजरात की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए.. उन्होंने कहा कि गुजरात में निजी स्कूलों की फीस लगातार बढ़ रही है.. आम आदमी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए आर्थिक दबाव झेल रहा है.. कई माता-पिता अपनी जमा-पूंजी बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर देते हैं.. इसके बावजूद कई परिवार अच्छे निजी स्कूलों की फीस नहीं भर पाते..
गोपाल इटालिया ने दिल्ली और पंजाब के शिक्षा मॉडल का भी जिक्र किया.. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया.. स्कूलों में नई इमारतें, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर सुविधाएं दी गईं.. शिक्षकों की ट्रेनिंग पर भी ध्यान दिया गया.. और उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए इसी तरह काम किया गया.. और वहां के स्कूलों ने राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया.. गोपाल इटालिया का आरोप है कि गुजरात में शिक्षा को उतनी प्राथमिकता नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी..



