गोरखपुर में कजरी महोत्सव का रंग, मार्कंडेय राय बोले- पर्व जोड़ते हैं समाज

गोरखपुर के कौड़ीराम में कजरी महोत्सव का आयोजन हुआ। छात्राओं ने कजरी गायन और लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मार्कंडेय राय ने पर्वों को सामाजिक एकता और लोकसंस्कृति का माध्यम बताया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सावन की फुहारों के बीच जब कजरी के सुर गूंजे तो गोरखपुर के कौड़ीराम स्थित सर्वोदय किसान पीजी कॉलेज का सभागार लोकसंस्कृति के रंग में रंग गया। छात्राओं की कजरी गायन और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत कर दिया। इस दौरान लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

कजरी हमारी लोक संस्कृति की पहचान: मार्कंडेय राय

कॉलेज के बाबा राघव दास सभागार में गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित कजरी महोत्सव को संबोधित करते हुए महाविद्यालय प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष व वरिष्ठ भाजपा नेता मार्कंडेय राय ने कहा कि सावन सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि लोकगीत, संगीत और सामाजिक मेल-जोल की परंपरा से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि कजरी भारतीय लोक संस्कृति की समृद्ध पहचान है। इसे संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्व लोगों को जोड़ने के साथ सामाजिक संबंधों को भी मजबूत करते हैं।

छात्राओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके राय ने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कजरी महोत्सव ने सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।

महोत्सव में छात्राओं ने कजरी गायन और लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुति पर सभागार तालियों से गूंज उठा। संस्था के उप प्रबंधक अशोक राय और प्रबंध समिति सदस्य राम बचन राय ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र रहे मौजूद

कार्यक्रम में डॉ. उषा राय, डॉ. संध्या श्रीवास्तव, डॉ. स्नेहलता सिंह, डॉ. सावित्री मिश्रा, डॉ. रिमझिम त्रिपाठी समेत महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन स्तुति दूबे ने किया।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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