राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में चंपत राय-अनिल मिश्रा बेदाग, SIT की फाइनल रिपोर्ट में मिली क्लीन चिट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी गई है. सूत्रों का दावा है कि इस रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिली है. प्रारंभिक रिपोर्ट में भी चंपत राय को क्लीन चीट दी गई थी. अनिल मिश्रा का नाम प्रारंभिक रिपोर्ट में काउंटिंग के लापरवाही का आरोप था, लेकिन सीधा आरोपी नहीं बनाए गए थे.
सूत्रों का दावा है कि इस फाइनल रिपोर्ट में भी अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है. इस फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को दोषी नहीं पाया गया है और उनका नाम आरोपियों की सूची में शामिल नहीं है. एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट में केवल उन 8 लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्हें मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय-अनिल मिश्रा का नाम नहीं
रिपोर्ट में दान गणना के दौरान बैंक और ट्रस्ट की निगरानी व व्यवस्था में कुछ कमजोरियों और चूकों का जिक्र किया गया था, जिसके बाद से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. यूपी के गृह विभाग ने ट्रस्ट को SIT की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है. इसमें ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा का नाम नहीं है.
पहली SIT 13 जून को CM योगी आदित्यनाथ के आदेश पर बनी थी
मंदिर के दान में अनियमितताओं की जांच चल रही थी, तभी इन दोनों ने 27 जून को ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था. इस मामले की जांच अब सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में बनी दूसरी SIT कर रही है. पहली SIT 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर बनी थी. यह ट्रस्ट की मांग पर बनाई गई थी. इसकी अध्यक्षता लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने की थी.
इसमें लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार भी सदस्य थे. इस SIT ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को दी थी. उसके बाद 25 जून को अयोध्या में FIR दर्ज की गई.

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