WhatsApp मैसेज से खुली तत्काल टिकट की कथित दलाली, RPF ने एक आरोपी को दबोचा
बरेली में तत्काल टिकट दलाली की जांच में आरक्षण कर्मचारी से कथित मिलीभगत सामने आई है। RPF ने व्हाट्सऐप संदेश और टिकट रिकॉर्ड के आधार पर एक आरोपी को मुकदमे में जोड़ा।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः रेलवे के तत्काल टिकट की व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले एक मामले में बरेली आरपीएफ की जांच आगे बढ़ी है। तत्काल टिकटों की कथित दलाली के मामले में आरक्षण केंद्र के कर्मचारी से मिलीभगत के आरोप में मुंबई निवासी रविंद्र कुमार साहू को मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। आरपीएफ का कहना है कि जांच में सामने आए बयानों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
व्हाट्सऐप संदेशों से खुली कथित मिलीभगत की कड़ी
बरेली आरपीएफ पोस्ट में दर्ज मुकदमा संख्या 649/26, धारा 143 रेलवे एक्ट के तहत जांच के दौरान रविंद्र कुमार साहू को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। आरपीएफ के अनुसार, रविंद्र मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है और वर्तमान में मुंबई में रहता है।
जांच में आरोप है कि 4 जुलाई 2026 को पीतांबरपुर आरक्षण केंद्र पर तैनात मुख्य सहायक आरक्षण पर्यवेक्षक शैलेंद्र दुबे से कथित मिलीभगत कर तत्काल टिकट जारी कराए गए। रविंद्र के व्हाट्सऐप नंबर से कर्मचारी के मोबाइल पर दो संदेश भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
16,340 रुपये के दो टिकट, एजेंट को बेचने का आरोप
आरपीएफ के मुताबिक, 5 जुलाई की यात्रा के लिए दो तत्काल टिकट जारी कराने की बात सामने आई। दोनों टिकटों की कुल कीमत 16,340 रुपये बताई गई है। इनमें 3 एसी का टिकट 11,560 रुपये और स्लीपर का टिकट 4,780 रुपये का था।
जांच में आरोप है कि टिकटों को आगरा निवासी एक बुकिंग एजेंट को आगे बेचने के लिए जारी कराया गया था। एक टिकट जारी होने के बाद उसका फोटो कर्मचारी द्वारा रविंद्र को भेजे जाने की बात भी सामने आई, जबकि दूसरे टिकट का फोटो भेजे जाने से पहले ही आरपीएफ की कार्रवाई में मामला पकड़ में आ गया।
PNR और मोबाइल रिकॉर्ड खंगाल रही RPF
आरपीएफ निरीक्षक मयंक चौधरी के अनुसार, आरोपी के बयान और जांच में जुटे साक्ष्यों के आधार पर रविंद्र की संलिप्तता धारा 143(1) रेलवे एक्ट के तहत पाई गई। इसके बाद 20 अगस्त 2026 को रात 8:45 बजे उसे मुकदमे में आरोपी के रूप में संबद्ध किया गया।
जांच में व्हाट्सऐप संदेश, मोबाइल नंबर, टिकट, PNR और आरक्षण केंद्र के रिकॉर्ड अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। आरपीएफ अब कथित टिकट दलाली में शामिल अन्य लोगों और बुकिंग एजेंट की भूमिका की जांच कर रही है।
रिपोर्ट: सुनील सक्सेना, बरेली
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